(A) तैयारी: $DDT$ को सांद्र सल्फ्यूरिक एसिड की उपस्थिति में क्लोरल और क्लोरोबेंजीन की प्रतिक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है।
$(b)$ खोज: यह पहला क्लोरीनयुक्त कार्बनिक कीटनाशक है। इसे मूल रूप से $1873$ में तैयार किया गया था और $1939$ में स्विट्जरलैंड के गीगी फार्मास्यूटिकल्स के पॉल मुलर द्वारा कीटनाशक के रूप में इसकी प्रभावशीलता की खोज की गई थी। पॉल मुलर को इस खोज के लिए $1948$ में चिकित्सा और शरीर विज्ञान में 'नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।
$(c)$ गुण: $(i)$ $DDT$ एक सफेद ठोस है। $(ii)$ इसमें क्लोरीन की तीव्र गंध होती है और यह आंखों में जलन पैदा करता है। $(iii)$ इसके सेवन से कैंसर होने की संभावना रहती है।
$(d)$ उपयोग: यह कीटनाशक के रूप में बहुत उपयोगी था और है। यह मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों और टाइफस फैलाने वाली जूँ को नष्ट करने में प्रभावी था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इसका उपयोग विश्व स्तर पर व्यापक हो गया।
$(e)$ समस्याएं और नुकसान: $1940$ के दशक के अंत में अत्यधिक उपयोग के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं। कई कीट प्रजातियों ने $DDT$ के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लिया और यह मछलियों के लिए अत्यधिक विषैला साबित हुआ। इसकी रासायनिक स्थिरता और वसा में घुलनशीलता के कारण यह वसायुक्त ऊतकों में जमा हो जाता है। $1973$ में संयुक्त राज्य अमेरिका ने इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया,हालांकि दुनिया के कई हिस्सों में इसका उपयोग आज भी किया जाता है।