(N/A) प्रोपेन-$2$-ऑल $(CH_3CHOHCH_3)$ एक सममित अणु है क्योंकि इसमें समतल की सममिति (plane of symmetry) होती है।
यह संरचना दर्शाती है कि केंद्रीय कार्बन परमाणु चार अलग-अलग समूहों से नहीं जुड़ा है। इसमें $C^2$ कार्बन परमाणु के साथ दो समान $-CH_3$ समूह जुड़े होते हैं,जो प्रोपेन-$2$-ऑल को सममित और इसलिए एक अकिरल अणु बनाता है।
संरचना $(A)$ के दर्पण प्रतिबिंब $(B)$ को $180^{\circ}$ घुमाने पर संरचना $(C)$ प्राप्त होती है। संरचनाएं $(C)$ और $(A)$ एक-दूसरे पर पूरी तरह से अध्यारोपित (superimposable) हो जाती हैं। अतः प्रोपेन-$2$-ऑल एक अकिरल अणु है।
इसलिए,चूंकि प्रोपेन-$2$-ऑल सममित और अकिरल है,यह प्रकाशिक सक्रियता (optical activity) प्रदर्शित नहीं करता है।