(N/A) चालकों में विद्युत का चालन इलेक्ट्रॉनों या आयनों की गति $(movement)$ के कारण होता है। चालकों को धात्विक चालकों और विद्युत अपघट्य चालकों में वर्गीकृत किया जाता है।
- धातुएं ठोस और पिघली हुई दोनों अवस्थाओं में विद्युत का चालन करती हैं। धातुओं की चालकता प्रति परमाणु उपलब्ध संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करती है।
- धातु परमाणुओं के परमाणु कक्षक आणविक कक्षक बनाते हैं,जिनकी ऊर्जा एक-दूसरे के इतने करीब होती है कि वे बैंड (bands) बनाते हैं।
- यदि ये बैंड आंशिक रूप से भरे हुए हों या उच्च ऊर्जा वाले खाली चालन बैंड के साथ अतिव्यापन (overlap) करते हों,तो इलेक्ट्रॉन विद्युत क्षेत्र के तहत आसानी से प्रवाहित हो सकते हैं और धातु चालकता प्रदर्शित करती है।
- यदि भरे हुए संयोजकता बैंड और अगले उच्च खाली बैंड (चालन बैंड) के बीच का अंतर (गैप) बड़ा है,तो इलेक्ट्रॉन इसमें कूद नहीं सकते। ऐसे पदार्थों की चालकता बहुत कम होती है और वे कुचालक के रूप में व्यवहार करते हैं।