(N/A) ऑक्सीकरण: अल्कोहल के ऑक्सीकरण में $O-H$ और $C-H$ बंध टूटते हैं,जिससे कार्बन-ऑक्सीजन द्वि-बंध $(C=O)$ का निर्माण होता है।
विहाइड्रोजनीकरण: इस प्रक्रिया में $C-H$ और $O-H$ बंध टूटते हैं और डाइहाइड्रोजन $(H_2)$ मुक्त होती है; इसलिए,इन्हें विहाइड्रोजनीकरण अभिक्रियाएं कहा जाता है।
ऑक्सीकरण के उत्पाद उपयोग किए गए ऑक्सीकारक और अल्कोहल के प्रकार पर निर्भर करते हैं।
$(b)$ प्राथमिक अल्कोहल का ऑक्सीकरण: उपयोग किए गए ऑक्सीकारक के आधार पर,$1^{\circ}$ अल्कोहल का ऑक्सीकरण एल्डिहाइड में होता है,जो आगे चलकर कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत हो जाते हैं।
$(i)$ $1^{\circ}$-अल्कोहल $\rightarrow$ कार्बोक्सिलिक अम्ल: $1^{\circ}$-अल्कोहल से सीधे कार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त करने के लिए पोटेशियम परमैंगनेट $(KMnO_4)$ जैसे प्रबल ऑक्सीकारकों का उपयोग किया जाता है।