(N/A) $(i)$ नियमन करना (Regulate): कुछ जीव शारीरिक (कभी-कभी व्यवहारिक) साधनों द्वारा समस्थापन बनाए रखने में सक्षम होते हैं,जो शरीर के तापमान और परासरणी सांद्रता आदि को स्थिर रखते हैं। सभी पक्षी और स्तनधारी,तथा कुछ निम्न श्रेणी के कशेरुकी और अकशेरुकी जीव इस प्रकार के नियमन (ताप नियमन और परासरण नियमन) में सक्षम हैं। स्तनधारियों की सफलता उनके शरीर के तापमान को स्थिर रखने की क्षमता के कारण है।
मनुष्यों में,हम शरीर का तापमान $37^o C$ स्थिर रखते हैं। गर्मियों में,जब बाहर का तापमान अधिक होता है,तो पसीना आता है,जिससे वाष्पीकरण द्वारा शीतलता (evaporative cooling) मिलती है। सर्दियों में,जब तापमान बहुत कम होता है,तो हम कांपते (shiver) हैं,जो ऊष्मा उत्पन्न करता है। पौधों में ऐसी कोई क्रियाविधि नहीं होती है।
$(ii)$ अनुरूपण (Conform): लगभग $99\%$ जानवर और लगभग सभी पौधे अपने आंतरिक वातावरण को स्थिर नहीं रख सकते। उनके शरीर का तापमान और परासरणी सांद्रता आसपास के वातावरण के अनुसार बदलती रहती है। ऐसे जीवों को अनुरूपक (conformers) कहा जाता है। ताप नियमन ऊर्जा की दृष्टि से बहुत महंगा है,विशेष रूप से छछूंदर और हमिंग बर्ड जैसे छोटे जानवरों के लिए। छोटे जानवरों का पृष्ठीय क्षेत्रफल उनके आयतन के सापेक्ष अधिक होता है,जिससे वे जल्दी ऊष्मा खो देते हैं,इसलिए उन्हें चयापचय द्वारा ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। यही कारण है कि बहुत छोटे जानवर ध्रुवीय क्षेत्रों में कम पाए जाते हैं। विकास के दौरान,कुछ प्रजातियों ने सीमित सीमा तक नियमन करने की क्षमता विकसित की है,लेकिन उस सीमा से बाहर वे अनुरूपण (conform) करती हैं।