(N/A) जीव स्तर पर पारिस्थितिकी अनिवार्य रूप से शारीरिक पारिस्थितिकी (physiological ecology) है,जो यह अध्ययन करती है कि विभिन्न जीव अपने पर्यावरण में जीवित रहने और प्रजनन करने के लिए कैसे अनुकूलित हैं।
प्रत्येक बायोम (biome) के भीतर क्षेत्रीय और स्थानीय विविधताओं के कारण प्राकृतिक आवासों (habitats) की एक विस्तृत विविधता का निर्माण होता है। भारत के प्रमुख बायोम आकृति में दर्शाए गए हैं।
पृथ्वी पर जीवन केवल कुछ अनुकूल आवासों तक ही सीमित नहीं है,बल्कि यह अत्यधिक कठोर और विषम वातावरण में भी मौजूद है - जैसे कि राजस्थान का झुलसा देने वाला रेगिस्तान,मेघालय के निरंतर वर्षा वाले जंगल,गहरे महासागरीय गर्त,तीव्र जलधाराएं,बर्फ से ढके ध्रुवीय क्षेत्र,ऊंचे पर्वत शिखर,उबलते गर्म झरने और दुर्गंधयुक्त खाद के गड्ढे।
यहाँ तक कि हमारी अपनी आंतें भी हजारों सूक्ष्मजीवों की प्रजातियों के लिए एक अद्वितीय आवास हैं।