(N/A) जीन को आनुवंशिकता की कार्यात्मक इकाई के रूप में परिभाषित किया गया है। यह $DNA$ का एक खंड है जो पॉलीपेप्टाइड के लिए कूटलेखन (coding) करता है।
$1$. जीन को उस $DNA$ अनुक्रम के रूप में भी परिभाषित किया जाता है जो $t-RNA$ या $r-RNA$ अणुओं के लिए कूटलेखन करता है।
$2$. अनुलेखन इकाई में $DNA$ का वह भाग जो पॉलीपेप्टाइड के लिए कूटलेखन करता है,सिस्ट्रोन कहलाता है। सुकेंद्रकी (eukaryotes) में जीन मोनोसिस्ट्रोनिक होते हैं,जबकि असीमकेंद्रकी (prokaryotes) में ये पॉलिसिस्ट्रोनिक हो सकते हैं।
$3$. सुकेंद्रकी जीन 'विभाजित जीन' (split genes) होते हैं,जिनमें कोडिंग अनुक्रम बाधित होते हैं। अभिव्यक्त होने वाले अनुक्रमों को एक्सॉन (exons) कहा जाता है।
$4$. एक्सॉन परिपक्व या संसाधित $RNA$ में दिखाई देते हैं और ये इंट्रॉन (introns) द्वारा बाधित होते हैं। इंट्रॉन परिपक्व $RNA$ में नहीं पाए जाते हैं।
$5$. लक्षणों की वंशागति जीन के प्रमोटर और नियामक अनुक्रमों से भी प्रभावित होती है। नियामक अनुक्रम किसी भी $RNA$ या प्रोटीन के लिए कूटलेखन नहीं करते हैं,लेकिन वे संरचनात्मक जीनों की अभिव्यक्ति को नियंत्रित करते हैं।