(N/A) मेंडल ने मटर के दो पौधे चुने,जिनमें से एक लंबा (Tall) और दूसरा बौना (Dwarf) था। इन पौधों को जनक पौधे $(P)$ माना गया,जो शुद्ध वंशक्रम वाले थे (जो कई पीढ़ियों तक लक्षणों की शुद्धता बनाए रखते थे)।
मादा जनक पौधे में,अपरिपक्व फूल से पुंकेसर हटा दिए गए। इस फूल को परिपक्व होने तक एक छोटी कागज की थैली से ढक दिया गया। इसके बाद,नर बौने पौधे से एकत्र की गई परागकणों को इसके स्त्रीकेसर पर छिड़का गया।
मटर के फूल उभयलिंगी होते हैं। इस विधि में,एक पौधे को नर और दूसरे को मादा माना जाता है।
जिस पौधे को मादा के रूप में चुना जाता है,उसके पुंकेसर को अपरिपक्व अवस्था में हटा दिया जाता है। इस प्रक्रिया को विपुंसन (Emasculation) कहते हैं,जो स्व-परागण को रोकने के लिए किया जाता है।
विपुंसित फूल को अवांछित पर-परागण से बचाने के लिए थैली से ढक दिया जाता है। इसे बैगिंग (Bagging) कहते हैं।
नर पौधे से परिपक्व परागकणों को एकत्र करके विपुंसित फूल के स्त्रीकेसर पर छिड़का जाता है।
इस पौधे से बीज एकत्र किए जाते हैं,जिन्हें बोकर पौधों की एक नई पीढ़ी उगाई जाती है।
इस पीढ़ी को प्रथम संतति पीढ़ी ($F_1$ पीढ़ी) कहा जाता है।