(N/A) विद्युत सिनेप्स में,पूर्व-सिनेप्टिक और पश्च-सिनेप्टिक न्यूरॉन्स की झिल्लियाँ एक-दूसरे के बहुत निकट होती हैं।
इन सिनेप्स में विद्युत धारा एक न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन में सीधे प्रवाहित होती है।
विद्युत सिनेप्स के माध्यम से आवेग का संचरण एक एकल एक्सॉन (axon) के साथ आवेग चालन के समान होता है।
विद्युत सिनेप्स के माध्यम से आवेग का संचरण रासायनिक सिनेप्स की तुलना में हमेशा तेज होता है।
मानव तंत्रिका तंत्र में विद्युत सिनेप्स बहुत कम पाए जाते हैं।
रासायनिक सिनेप्स:
रासायनिक सिनेप्स में,पूर्व-सिनेप्टिक और पश्च-सिनेप्टिक न्यूरॉन्स की झिल्लियाँ एक द्रव से भरे स्थान द्वारा अलग होती हैं जिसे सिनेप्टिक दरार (synaptic cleft) कहा जाता है।
इन सिनेप्स पर आवेगों के संचरण में न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) नामक रसायन शामिल होते हैं।
एक्सॉन के अंतिम सिरों में इन न्यूरोट्रांसमीटर से भरी पुटिकाएं (vesicles) होती हैं।
जब एक आवेग एक्सॉन टर्मिनल पर पहुँचता है,तो यह सिनेप्टिक पुटिकाओं को झिल्ली की ओर जाने के लिए उत्तेजित करता है,जहाँ वे प्लाज्मा झिल्ली के साथ जुड़कर अपने न्यूरोट्रांसमीटर को सिनेप्टिक दरार में छोड़ देते हैं।
मुक्त हुए न्यूरोट्रांसमीटर पश्च-सिनेप्टिक झिल्ली पर मौजूद अपने विशिष्ट रिसेप्टर्स के साथ जुड़ जाते हैं।
यह बंधन आयन चैनलों को खोलता है,जिससे आयनों का प्रवेश होता है जो पश्च-सिनेप्टिक न्यूरॉन में एक नया विभव (potential) उत्पन्न कर सकते हैं।
विकसित नया विभव उत्तेजक (excitatory) या अवरोधक (inhibitory) हो सकता है।