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Monera (Prokaryotes) Questions in Hindi

Class 11 Biology · Biological Classification · Monera (Prokaryotes)

632+

Questions

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100%

With Solutions

Showing 50 of 632 questions in Hindi

301
EasyMCQ
$Gram\text{-positive}$ और $Gram\text{-negative}$ बैक्टीरिया के बीच मुख्य अंतर किसके संगठन में पाया जाता है?
A
पक्ष्माभ (Cilia)
B
कोशिका भित्ति
C
कोशिका झिल्ली
D
कोशिका द्रव्य

Solution

(B) $Gram\text{-positive}$ और $Gram\text{-negative}$ बैक्टीरिया के बीच प्राथमिक अंतर उनकी कोशिका भित्ति की संरचना और संगठन में होता है।
$Gram\text{-positive}$ बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति में पेप्टिडोग्लाइकन (म्यूरीन) की एक मोटी परत होती है,जो क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को बनाए रखती है।
इसके विपरीत,$Gram\text{-negative}$ बैक्टीरिया में पेप्टिडोग्लाइकन की परत बहुत पतली होती है और इसमें लिपोपॉलीसेकेराइड युक्त एक अतिरिक्त बाहरी झिल्ली होती है,जो उन्हें क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को बनाए रखने से रोकती है।
302
MediumMCQ
अधिकतम पोषण विविधता $........$ समूह में पाई जाती है।
A
मोनेरा
B
पादप
C
कवक
D
जंतु

Solution

(A) जगत $Monera$ (मोनेरा) में सभी जैविक जगतों में सबसे अधिक पोषण विविधता पाई जाती है।
इस समूह के सदस्य स्वपोषी (प्रकाश संश्लेषी या रसायन संश्लेषी) या परपोषी (मृतोपजीवी,परजीवी या सहजीवी) हो सकते हैं।
इस प्रकार की विविधता अन्य जगतों जैसे $Plantae$ (मुख्यतः स्वपोषी),$Fungi$ (परपोषी),या $Animalia$ (परपोषी) में इतनी अधिक मात्रा में नहीं देखी जाती है।
303
MediumMCQ
नील-हरित शैवाल द्वारा होने वाली हानिकारक प्रक्रिया ......... है।
A
विनाइट्रीकरण (Denitrification)
B
जल प्रस्फुटन (Water bloom)
C
मृदा की लवणता बढ़ाना
D
मृदा की उर्वरता घटाना

Solution

(B) नील-हरित शैवाल, जिन्हें सायनोबैक्टीरिया के रूप में भी जाना जाता है, प्रकाश संश्लेषी प्रोकैरियोट्स हैं। जब पोषक तत्वों की अधिकता (यूट्रोफिकेशन) के कारण जलाशयों में इनकी अत्यधिक वृद्धि होती है, तो ये जल की सतह पर घनी परत बना लेते हैं जिसे $Water \text{ bloom}$ (जल प्रस्फुटन) कहा जाता है। ये प्रस्फुटन हानिकारक होते हैं क्योंकि ये जल में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देते हैं, जिससे मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो सकती है। अतः, सही उत्तर $Water \text{ bloom}$ है।
304
MediumMCQ
जीवों का वर्तमान वर्गीकरण जीवन के तीन डोमेन ($Bacteria$,$Archaea$ और $Eukarya$) में है। $Archaea$ के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
A
$Archaea$ प्रोकैरियोट्स और यूकेरियोट्स दोनों से पूरी तरह अलग हैं।
B
$Archaea$ प्रोकैरियोट्स से पूरी तरह अलग हैं।
C
$Archaea$ हर मामले में $Eukarya$ के समान हैं।
D
$Archaea$ में कुछ ऐसी नवीन विशेषताएं होती हैं जो अन्य प्रोकैरियोट्स और यूकेरियोट्स में अनुपस्थित होती हैं।

Solution

(D) $Carl$ $Woese$ द्वारा प्रस्तावित तीन-डोमेन प्रणाली जीवन को $Bacteria$,$Archaea$ और $Eukarya$ में वर्गीकृत करती है।
$Archaea$ प्रकृति में प्रोकैरियोटिक हैं लेकिन आनुवंशिक और जैव रासायनिक रूप से $Bacteria$ से भिन्न हैं।
इनमें अद्वितीय विशेषताएं होती हैं जैसे कि इनकी कोशिका भित्ति में पेप्टिडोग्लाइकन का अभाव होता है और कोशिका झिल्ली के लिपिड में ईथर-लिंक्ड शाखित श्रृंखलाएं होती हैं,जो अन्य प्रोकैरियोट्स या यूकेरियोट्स में नहीं पाई जाती हैं।
इसलिए,$Archaea$ में कुछ ऐसी नवीन विशेषताएं होती हैं जो अन्य प्रोकैरियोट्स और यूकेरियोट्स में अनुपस्थित होती हैं।
305
MediumMCQ
पादप रोगजनक बैक्टीरिया मुख्य रूप से ......... होते हैं।
A
ग्राम $(+Ve)$ बीजाणु न बनाने वाले
B
ग्राम $(-Ve)$ बीजाणु न बनाने वाले
C
ग्राम $(+Ve)$ बीजाणु बनाने वाले
D
ग्राम $(-Ve)$ बीजाणु बनाने वाले

Solution

(B) अधिकांश पादप रोगजनक बैक्टीरिया ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के समूह से संबंधित होते हैं। ये बैक्टीरिया बीजाणु नहीं बनाते हैं (non-spore forming) और आमतौर पर छड़ के आकार (rod-shaped) के होते हैं। उदाहरणों में $Agrobacterium$,$Pseudomonas$,$Xanthomonas$ और $Erwinia$ की प्रजातियां शामिल हैं। इसलिए,सही विवरण ग्राम $(-Ve)$ बीजाणु न बनाने वाले बैक्टीरिया है।
306
EasyMCQ
नील-हरित शैवाल में प्रकाश संश्लेषण ......... में होता है।
A
वर्णकण (Chromatophores)
B
हरितलवक (Chloroplasts)
C
प्रकाश संश्लेषी पटलिकाएं (lamellae) या थाइलाकोइड्स
D
लवक (Plastids)

Solution

(C) नील-हरित शैवाल,जिन्हें साइनोबैक्टीरिया के रूप में भी जाना जाता है,प्रोकैरियोटिक जीव हैं।
इनमें हरितलवक या लवक जैसी झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों का अभाव होता है।
इसके बजाय,उनके प्रकाश संश्लेषी वर्णक विशेष झिल्ली संरचनाओं में स्थित होते हैं जिन्हें प्रकाश संश्लेषी पटलिकाएं (photosynthetic lamellae) या थाइलाकोइड्स कहा जाता है,जो परिधीय कोशिका द्रव्य में वितरित होते हैं।
307
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किन जीवों की कोशिका भित्ति में $Muramic$ $acid$ पाया जाता है?
A
बैक्टीरिया और ब्लू-ग्रीन शैवाल
B
हरे शैवाल
C
यीस्ट
D
सभी कवक

Solution

(A) $Bacteria$ (बैक्टीरिया) और $Cyanobacteria$ (नील-हरित शैवाल) की कोशिका भित्ति $Peptidoglycan$ (जिसे $Murein$ भी कहा जाता है) से बनी होती है।
$Peptidoglycan$ शर्करा और अमीनो एसिड का एक बहुलक है,जिसमें विशेष रूप से $N-acetylglucosamine$ $(NAG)$ और $N-acetylmuramic$ $acid$ $(NAM)$ होते हैं,जो छोटे पेप्टाइड्स द्वारा आपस में जुड़े होते हैं।
$Muramic$ $acid$ जीवाणु कोशिका भित्ति का एक विशिष्ट घटक है और यह कवक (जिनमें $Chitin$ होता है) या पौधों (जिनमें $Cellulose$ होता है) की कोशिका भित्ति में नहीं पाया जाता है।
अतः,सही विकल्प $A$ है।
308
EasyMCQ
आर्कियाबैक्टीरिया (Archaebacteria) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
A
सभी लवणरागी (halophiles) हैं।
B
सभी प्रकाश संश्लेषी हैं।
C
सभी जीवाश्म हैं।
D
ये सबसे पुराने जीवित जीव हैं।

Solution

(D) आर्कियाबैक्टीरिया को सबसे प्राचीन जीवित जीव माना जाता है क्योंकि वे सबसे कठोर आवासों में जीवित रह सकते हैं,जैसे कि अत्यधिक खारे क्षेत्र (लवणरागी),गर्म झरने (थर्मोएसिडोफिल्स),और दलदली क्षेत्र (मिथेनोजेन्स)।
उनकी कोशिका भित्ति की संरचना अन्य बैक्टीरिया से भिन्न होती है,जो उन्हें चरम स्थितियों में जीवित रहने में सक्षम बनाती है।
इसलिए,उन्हें सबसे पुराने जीवित जीवों के रूप में जाना जाता है।
309
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा जीव प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से $N_2$ स्थिरीकरण के लिए ऊर्जा प्राप्त करता है?
A
एनाबीना
B
एज़ोटोबैक्टर
C
राइजोबियम
D
बैसिलस

Solution

(A) $1$. $N_2$ स्थिरीकरण वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलने की प्रक्रिया है।
$2$. $Anabaena$ एक साइनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) है जो प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया करता है।
$3$. यह नाइट्रोजन स्थिरीकरण की ऊर्जा-गहन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रकाश संश्लेषण से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करता है।
$4$. $Azotobacter$ और $Bacillus$ मुक्त-जीवी वायवीय बैक्टीरिया हैं जो कार्बनिक यौगिकों से ऊर्जा प्राप्त करते हैं (रसायनपरपोषी)।
$5$. $Rhizobium$ एक सहजीवी बैक्टीरिया है जो मेजबान पौधे के कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा प्राप्त करता है।
$6$. इसलिए,$Anabaena$ सही उत्तर है क्योंकि यह एक प्रकाश संश्लेषी नाइट्रोजन स्थिरीकारक है।
310
EasyMCQ
सबसे अधिक संख्या में पाए जाने वाले प्रोकैरियोट्स,जो दूध से दही बनाने और एंटीबायोटिक्स के उत्पादन में उपयोगी हैं,उन्हें किस श्रेणी में शामिल किया जाता है?
A
रसायनसंश्लेषी स्वपोषी (Chemosynthetic autotrophs)
B
परपोषी बैक्टीरिया (Heterotrophic bacteria)
C
साइनोबैक्टीरिया
D
आर्कीबैक्टीरिया

Solution

(B) परपोषी बैक्टीरिया प्रकृति में सबसे अधिक संख्या में पाए जाने वाले प्रोकैरियोट्स हैं।
ये मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं,जैसे कि दूध से दही बनाने में (उदाहरण के लिए,$Lactobacillus$) और एंटीबायोटिक्स के उत्पादन में (उदाहरण के लिए,$Streptomyces$)।
इसलिए,सही श्रेणी परपोषी बैक्टीरिया है।
311
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा नील-हरित शैवाल का एक लक्षण है?
A
$DNA$ में हिस्टोन का अभाव
B
सुविकसित केंद्रक की अनुपस्थिति
C
केंद्रक झिल्ली की अनुपस्थिति
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) प्रोकैरियोटिक जीव हैं।
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की निम्नलिखित विशेषताएं होती हैं:
$1$. इनमें एक सुविकसित केंद्रक का अभाव होता है (न्यूक्लियोइड मौजूद होता है)।
$2$. इनमें आनुवंशिक पदार्थ के चारों ओर केंद्रक झिल्ली अनुपस्थित होती है।
$3$. इनका $DNA$ गोलाकार होता है और इसमें हिस्टोन प्रोटीन का अभाव होता है,जो आमतौर पर यूकेरियोटिक $DNA$ में पाए जाते हैं।
चूंकि दिए गए सभी विकल्प प्रोकैरियोट्स की विशेषताएं हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
312
EasyMCQ
नील-हरित शैवाल (Cyanobacteria) में कोशिका विभाजन निम्नलिखित में से किसके समान होता है?
A
बैक्टीरिया
B
भूरे शैवाल
C
हरे शैवाल
D
उच्च श्रेणी के पौधे

Solution

(A) नील-हरित शैवाल, जिन्हें $Cyanobacteria$ के रूप में भी जाना जाता है, प्रोकैरियोटिक जीव हैं। सभी प्रोकैरियोट्स की तरह, इनमें झिल्ली-बद्ध केंद्रक और जटिल कोशिकांगों का अभाव होता है। इनका कोशिका विभाजन एक सरल प्रक्रिया द्वारा होता है जिसे 'द्विविभाजन' $(binary fission)$ कहा जाता है। चूंकि बैक्टीरिया भी प्रोकैरियोट्स हैं और द्विविभाजन के माध्यम से प्रजनन करते हैं, इसलिए नील-हरित शैवाल में कोशिका विभाजन बैक्टीरिया के समान होता है।
313
EasyMCQ
अपचयित (reduced) अकार्बनिक यौगिकों से ऊर्जा प्राप्त करने वाले जीवों को क्या कहा जाता है?
A
प्रकाशसंश्लेषी स्वपोषी
B
रसायनसंश्लेषी स्वपोषी
C
मृतोपजीवी
D
परपोषी

Solution

(B) जो जीव अपचयित अकार्बनिक यौगिकों (जैसे $NH_3$, $NO_2^-$, $H_2S$ या $Fe^{2+}$) के ऑक्सीकरण से ऊर्जा प्राप्त करते हैं, उन्हें $\text{रसायनसंश्लेषी}$ $\text{स्वपोषी}$ (Chemosynthetic autotrophs) कहा जाता है। ये जीव $CO_2$ जैसे अकार्बनिक कार्बन स्रोतों से कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण के लिए इस रासायनिक ऊर्जा का उपयोग करते हैं। प्रकाशसंश्लेषी स्वपोषियों के विपरीत, इन्हें प्रकाश ऊर्जा की आवश्यकता नहीं होती है।
314
EasyMCQ
बोटुलिनम उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया ........ होते हैं।
A
वैकल्पिक वायवीय
B
अविकल्पी वायवीय
C
वैकल्पिक अवायवीय
D
अविकल्पी अवायवीय

Solution

(D) बोटुलिनम टॉक्सिन उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया $Clostridium$ $botulinum$ है।
$Clostridium$ $botulinum$ एक $Obligate$ $anaerobe$ (अविकल्पी अवायवीय) है,जिसका अर्थ है कि यह केवल ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में ही वृद्धि कर सकता है और विष उत्पन्न कर सकता है।
अतः,सही विकल्प $D$ है।
315
EasyMCQ
$Akinetes$ (अकिनेट्स) का निर्माण .......... द्वारा होता है।
A
डायटम्स
B
यूग्लेनॉइड्स
C
डाइनोफ्लैगेलेट्स
D
बैक्टीरिया

Solution

(D) $Akinetes$ मोटी दीवार वाली,सुप्त कोशिकाएं होती हैं जो प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में कुछ प्रकार के तंतुमय साइनोबैक्टीरिया (बैक्टीरिया का एक समूह) द्वारा बनाई जाती हैं।
ये एक उत्तरजीविता संरचना के रूप में कार्य करती हैं जो जीव को निर्जलीकरण या अत्यधिक तापमान जैसी कठोर परिस्थितियों का सामना करने की अनुमति देती हैं।
अतः,सही विकल्प $D$ है।
316
MediumMCQ
$Thermococcus$,$Methanococcus$ और $Methanobacterium$ .......... के उदाहरण हैं।
A
बैक्टीरिया जिनका $DNA$ रिलैक्स्ड या धनात्मक रूप से सुपरकॉइल्ड होता है,लेकिन उनमें साइटोस्केलेटन और माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं।
B
बैक्टीरिया जिनमें साइटोस्केलेटन और राइबोसोम होते हैं।
C
आर्कियोबैक्टीरिया जिनमें यूकेरियोटिक कोर हिस्टोन के समरूप प्रोटीन होते हैं।
D
आर्कियोबैक्टीरिया जिनमें यूकेरियोट्स में पाए जाने वाले हिस्टोन के समान हिस्टोन का अभाव होता है,लेकिन जिनका $DNA$ ऋणात्मक रूप से सुपरकॉइल्ड होता है।

Solution

(C) $Thermococcus$,$Methanococcus$ और $Methanobacterium$ आर्किया (आर्कियोबैक्टीरिया) डोमेन के सदस्य हैं।
आर्कियोबैक्टीरिया अद्वितीय हैं क्योंकि उनमें ऐसे प्रोटीन होते हैं जो यूकेरियोटिक कोर हिस्टोन के समरूप होते हैं,जो उनके $DNA$ की पैकेजिंग में मदद करते हैं।
ये हिस्टोन-जैसे प्रोटीन इन जीवों में $DNA$ को स्थिर करते हैं,जो उन्हें सच्चे बैक्टीरिया से अलग करने वाली एक विशिष्ट विशेषता है।
317
MediumMCQ
जैव-रासायनिक समानताओं का उपयोग निम्नलिखित में से किसकी पहचान में किया जाता है?
A
प्रोटिस्टा प्रजाति
B
मोनेरा प्रजाति
C
कवक प्रजाति
D
उच्च पादप

Solution

(B) जैव-रासायनिक समानताएं,जैसे कि कोशिका भित्ति की संरचना,चयापचय पथ और विशिष्ट प्रोटीन अनुक्रम,मुख्य रूप से सूक्ष्मजीवों के वर्गीकरण और पहचान में उपयोग की जाती हैं,विशेष रूप से $Monera$ जगत में। चूंकि $Monera$ जगत के सदस्यों (बैक्टीरिया) में जटिल शारीरिक संरचनाओं का अभाव होता है,इसलिए उनकी पहचान और विभेदन के लिए जैव-रासायनिक परीक्षण मानक विधि है।
318
EasyMCQ
$Trichodesmium\, erythraeum$,जो लाल सागर को उसका विशिष्ट लाल रंग प्रदान करता है,वह एक ........ है।
A
साइनोबैक्टीरियम
B
लाल शैवाल
C
डायटम
D
लाल मूंगा

Solution

(A) $Trichodesmium\, erythraeum$ एक तंतुमय समुद्री साइनोबैक्टीरियम (नील-हरित शैवाल) है।
इसमें फाइकोएरिथ्रिन नामक लाल वर्णक उच्च सांद्रता में पाया जाता है।
जब ये जीव समुद्र में प्रस्फुटन (bloom) करते हैं,तो वे पानी को लाल-भूरा रंग प्रदान करते हैं,जिसके कारण लाल सागर का नाम पड़ा है।
इसलिए,इसे साइनोबैक्टीरियम के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
319
MediumMCQ
दी गई आकृति के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Question diagram
A
कोशिका भित्ति अनुपस्थित
B
झिल्ली-बद्ध अंगकों का अभाव
C
केंद्रिका उपस्थित
D
सुव्यवस्थित केंद्रक उपस्थित

Solution

(B) दी गई आकृति एक तंतुमय साइनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) को दर्शाती है,विशेष रूप से नॉस्टॉक,जिसमें हेटेरोसिस्ट (heterocysts) मौजूद होते हैं।
साइनोबैक्टीरिया प्रोकैरियोटिक जीव हैं।
प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली-बद्ध अंगकों जैसे माइटोकॉन्ड्रिया,क्लोरोप्लास्ट और एक सुव्यवस्थित केंद्रक का अभाव होता है।
इसलिए,सही कथन यह है कि इसमें झिल्ली-बद्ध अंगकों का अभाव होता है।
320
EasyMCQ
दी गई आकृति में दर्शाया गया जीव व्हिटेकर वर्गीकरण प्रणाली के अनुसार किस जगत में शामिल है?
Question diagram
A
प्रोटिस्टा
B
कवक
C
मोनेरा
D
पादप

Solution

(C) यह आकृति एक तंतुमय साइनोबैक्टीरिया,विशेष रूप से $Nostoc$ को दर्शाती है।
$Nostoc$ एक प्रोकैरियोटिक जीव है जो ऑक्सीजनयुक्त प्रकाश संश्लेषण करता है।
व्हिटेकर की पांच-जगत वर्गीकरण प्रणाली के अनुसार,सभी प्रोकैरियोटिक जीवों को $Monera$ जगत में रखा गया है।
इसलिए,सही विकल्प $C$ है।
321
EasyMCQ
दी गई आकृति में दर्शाया गया जीव किस जगत का है?
Question diagram
A
प्रोटिस्टा
B
मोनेरा
C
कवक
D
पादप

Solution

(B) यह आकृति एक तंतुमय साइनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) को दर्शाती है,जैसे कि नोस्टॉक (Nostoc) या एनाबेना (Anabaena)।
साइनोबैक्टीरिया प्रोकैरियोटिक जीव होते हैं जो ऑक्सीजैनिक प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
पाँच जगत वर्गीकरण प्रणाली के अनुसार,सभी प्रोकैरियोटिक जीवों को मोनेरा जगत में रखा गया है।
322
MediumMCQ
मिथेनोजेन्स बैक्टीरिया मवेशियों के पाचन तंत्र के आमाशय के $\dots$ में पाए जाते हैं।
A
रेटिकुलम (जालिकावत आमाशय)
B
ओमेसम (आमाशय का तीसरा भाग)
C
रूमेन (प्रथम आमाशय)
D
एबोमेसम (वास्तविक आमाशय)

Solution

(C) मिथेनोजेन्स अवायवीय बैक्टीरिया का एक समूह है जो अवायवीय परिस्थितियों में चयापचय के उप-उत्पाद के रूप में मीथेन $(CH_4)$ का उत्पादन करते हैं। ये बैक्टीरिया मवेशियों के $Rumen$ (प्रथम आमाशय) में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। $Rumen$ में, ये बैक्टीरिया सेलुलोज के पाचन में मदद करते हैं, जो मवेशियों द्वारा खाए जाने वाले भोजन का एक प्रमुख घटक है। इसलिए, सही विकल्प $C$ है।
323
EasyMCQ
जुगाली करने वाले (ruminant) पशुओं के भोजन में सेल्युलोज के पाचन के लिए कौन से बैक्टीरिया जिम्मेदार होते हैं?
A
विषमपोषी (Heterotrophs)
B
लैक्टोजिन्स
C
मिथेनोजिन्स
D
बैसिलस

Solution

(C) जुगाली करने वाले पशुओं,जैसे कि मवेशियों में आमाशय का एक विशेष भाग होता है जिसे रूमेन (rumen) कहा जाता है।
रूमेन में मिथेनोजिन्स नामक बैक्टीरिया का एक समूह मौजूद होता है।
ये मिथेनोजिन्स अवायवीय (anaerobic) बैक्टीरिया होते हैं जो किण्वन (fermentation) की प्रक्रिया द्वारा पादप कोशिका भित्ति में पाए जाने वाले जटिल कार्बोहाइड्रेट सेल्युलोज को तोड़ते हैं।
इस प्रक्रिया में उप-उत्पाद के रूप में मिथेन $(CH_4)$ गैस उत्पन्न होती है,इसीलिए इन बैक्टीरिया को मिथेनोजिन्स कहा जाता है।
324
MediumMCQ
जीवों का कौन सा समूह $CO_2$-स्थिरीकरण और $N_2$-स्थिरीकरण दोनों करता है?
A
एनाबीना,नोस्टॉक,ऑसिलेटोरिया
B
एनाबीना,एज़ोटोबैक्टर,एज़ोस्पिरिलम
C
ऑसिलेटोरिया,एज़ोटोबैक्टर,एज़ोस्पिरिलम
D
ऑसिलेटोरिया,एज़ोटोबैक्टर,एनाबीना

Solution

(A) $Anabaena$,$Nostoc$ और $Oscillatoria$ जैसे साइनोबैक्टीरिया प्रकाश संश्लेषी होते हैं,जिसका अर्थ है कि वे $CO_2$ को कार्बनिक यौगिकों में स्थिर करते हैं।
इसके अतिरिक्त,इन जीवों में हेटरोसिस्ट नामक विशेष कोशिकाएं होती हैं (जैसे $Anabaena$ और $Nostoc$ में) या उनके पास वायुमंडलीय नाइट्रोजन $(N_2)$ को अमोनिया में स्थिर करने के लिए एंजाइमी तंत्र होता है।
इसलिए,ये साइनोबैक्टीरिया $CO_2$ स्थिरीकरण और $N_2$ स्थिरीकरण दोनों करने में सक्षम हैं।
$Azotobacter$ और $Azospirillum$ मुक्त-जीवी नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया हैं,लेकिन वे प्रकाश संश्लेषी $CO_2$ स्थिरीकरण नहीं करते हैं।
325
MediumMCQ
$Oscillatoria$ किस प्रकार का सूक्ष्मजीव है?
A
विषमपोषी
B
स्वयंपोषी
C
सहजीवी
D
परजीवी

Solution

(B) $Oscillatoria$ तंतुमय साइनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) का एक वंश है।
साइनोबैक्टीरिया प्रकाश संश्लेषी जीव हैं जिनमें क्लोरोफिल $a$ होता है,जो उन्हें ऑक्सीजनयुक्त प्रकाश संश्लेषण करने की अनुमति देता है।
इसलिए,उन्हें स्वयंपोषी जीवों के रूप में वर्गीकृत किया गया है क्योंकि वे प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके अपना भोजन स्वयं संश्लेषित करते हैं।
326
MediumMCQ
$Nostoc$ किस प्रकार का सूक्ष्मजीव है?
A
विषमपोषी
B
सहजीवी
C
परजीवी
D
स्वयंपोषी

Solution

(D) $Nostoc$ साइनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) का एक वंश है जो ऑक्सीजैनिक प्रकाश संश्लेषण करता है।
चूंकि इसमें क्लोरोफिल $a$ और अन्य वर्णक होते हैं,इसलिए यह प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके अपना भोजन स्वयं बना सकता है।
अतः,$Nostoc$ को स्वयंपोषी जीव के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
यद्यपि $Nostoc$ की कुछ प्रजातियां सहजीवी संबंधों में रह सकती हैं (उदाहरण के लिए,$Anthoceros$ या $Cycas$ के साथ),लेकिन इसकी मूलभूत पोषण विधि स्वयंपोषी है।
327
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
A
एनाबीना एक स्वपोषी सूक्ष्मजीव है।
B
साइनोबैक्टीरिया धान के खेतों में जैव उर्वरक का उत्पादन करते हैं।
C
नील-हरित शैवाल मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ाते हैं।
D
राइजोबियम बैक्टीरिया मुक्तजीवी होते हैं।

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है।
$1$. एनाबीना $(Anabaena)$ एक स्वपोषी साइनोबैक्टीरिया है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने में सक्षम है।
$2$. साइनोबैक्टीरिया,जैसे कि एनाबीना और नोस्टॉक $(Nostoc)$,का उपयोग धान के खेतों में मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैव उर्वरक के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है।
$3$. नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ जोड़ते हैं और इसकी उर्वरता बढ़ाते हैं।
$4$. राइजोबियम $(Rhizobium)$ एक सहजीवी बैक्टीरिया है जो लेग्युमिनस (दलहनी) पौधों की जड़ों की ग्रंथियों में रहता है,न कि मुक्तजीवी बैक्टीरिया। इसलिए,यह कथन कि राइजोबियम मुक्तजीवी है,असत्य है।
328
EasyMCQ
जीवाणुओं की सतह से उत्पन्न होने वाले पिलि और फिमब्री किस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं?
A
रूपांतरण
B
संयुग्मन
C
सुरक्षा
D
कोशिका विभाजन

Solution

(B) पिलि $Pilin$ नामक एक विशेष प्रोटीन से बनी लंबी,नलिकाकार संरचनाएं हैं। वे मुख्य रूप से $Conjugation$ (संयुग्मन) की प्रक्रिया में शामिल होते हैं,जहाँ वे बैक्टीरिया के बीच आनुवंशिक सामग्री के स्थानांतरण में मदद करते हैं।
फिमब्री कोशिका से निकलने वाले छोटे ब्रिसल जैसे तंतु होते हैं। वे बैक्टीरिया को धाराओं में चट्टानों और मेजबान ऊतकों से जुड़ने में मदद करने के लिए जाने जाते हैं।
दिए गए विकल्पों में से,$Conjugation$ (संयुग्मन) वह प्रक्रिया है जो सीधे पिलि के कार्य से जुड़ी है।
329
EasyMCQ
ग्राम अभिरंजक (Gram stain) को अवशोषित करने वाले बैक्टीरिया को क्या कहा जाता है?
A
ग्राम-पॉजिटिव
B
ग्राम-नेगेटिव
C
ग्राम-सेंसिटिव
D
ग्राम-रेसिस्टेंट

Solution

(A) बैक्टीरिया को उनकी कोशिका आवरण (cell envelope) में अंतर और क्रिश्चियन ग्राम द्वारा विकसित अभिरंजन प्रक्रिया के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर दो समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।
जो बैक्टीरिया ग्राम अभिरंजक (क्रिस्टल वायलेट) को अवशोषित कर लेते हैं और उसे बनाए रखते हैं,वे सूक्ष्मदर्शी के नीचे बैंगनी या नीले रंग के दिखाई देते हैं और उन्हें ग्राम-पॉजिटिव बैक्टीरिया कहा जाता है।
जो बैक्टीरिया इस अभिरंजक को बनाए नहीं रख पाते,उन्हें ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया कहा जाता है।
330
MediumMCQ
कौन से जीवाणु केवल एकल (solitary) रूप में पाए जाते हैं?
A
बैसिलस-कोकस
B
कोकस-विब्रियो
C
बैसिलस-विब्रियो
D
विब्रियो-स्पाइरिलम

Solution

(D) जीवाणु विभिन्न आकार प्रदर्शित करते हैं जैसे कोकस (गोलाकार),बैसिलस (छड़ के आकार का),विब्रियो (अल्पविराम के आकार का),और स्पाइरिलम (सर्पिल)।
इनमें से,$Vibrio$ और $Spirillum$ आमतौर पर एकल (solitary) रूप में पाए जाते हैं।
$Coccus$ और $Bacillus$ रूप अक्सर श्रृंखलाओं या समूहों में मौजूद होते हैं (उदाहरण के लिए,$Streptococcus$,$Staphylococcus$,$Diplobacillus$)।
इसलिए,$Vibrio$ और $Spirillum$ की जोड़ी उन जीवाणुओं का प्रतिनिधित्व करती है जो आमतौर पर एकल रूप में पाए जाते हैं।
331
MediumMCQ
कथन $A$ : कुछ जीवाणु अद्वितीय फेनोटाइपिक (दृश्यप्ररूपी) लक्षण प्रदर्शित करते हैं।
कारण $R$ : कई जीवाणु कोशिकाओं में जीनोमिक $DNA$ के अतिरिक्त प्लाज्मिड $DNA$ भी पाया जाता है।
कथन $A$ और कारण $R$ के लिए कौन सा विकल्प सही है?
A
$A$ और $R$ दोनों सही हैं और $R$,$A$ की सही व्याख्या है।
B
$A$ और $R$ दोनों सही हैं लेकिन $R$,$A$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$A$ सही है और $R$ गलत है।
D
$A$ गलत है और $R$ सही है।

Solution

(B) कथन $A$ सही है क्योंकि जीवाणु विभिन्न फेनोटाइपिक लक्षण प्रदर्शित करते हैं,जैसे कि एंटीबायोटिक प्रतिरोध या चयापचय क्षमताएं,जो अक्सर अतिरिक्त-गुणसूत्रीय आनुवंशिक तत्वों द्वारा निर्धारित होते हैं।
कारण $R$ सही है क्योंकि कई जीवाणुओं में जीनोमिक $DNA$ से अलग छोटे,गोलाकार,अतिरिक्त-गुणसूत्रीय $DNA$ अणु होते हैं जिन्हें प्लाज्मिड कहा जाता है।
हालाँकि,जबकि प्लाज्मिड अद्वितीय फेनोटाइपिक लक्षण (जैसे एंटीबायोटिक प्रतिरोध) प्रदान करते हैं,प्लाज्मिड $DNA$ की उपस्थिति जीवाणुओं में सभी अद्वितीय फेनोटाइपिक लक्षणों का एकमात्र कारण नहीं है। इसलिए,$R$ एक सत्य कथन है लेकिन यह $A$ में वर्णित सामान्य फेनोटाइपिक विविधता के लिए पूर्ण या प्रत्यक्ष व्याख्या प्रदान नहीं करता है।
332
EasyMCQ
जीवाणुओं का ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव प्रकारों में वर्गीकरण किस आधार पर किया जाता है?
A
ग्राम में जीवाणु के द्रव्यमान के आधार पर
B
ग्राम द्वारा विकसित अभिरंजन (staining) पद्धति के आधार पर
C
ग्राम द्वारा विकसित वृद्धि मापन पद्धति के आधार पर
D
पोषक तत्वों का ग्राम में उपयोग करने की क्षमता के आधार पर

Solution

(B) जीवाणुओं का ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव प्रकारों में वर्गीकरण उनकी कोशिका भित्ति की संरचना में अंतर और ग्राम अभिरंजन (Gram staining) प्रक्रिया के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर किया जाता है।
यह तकनीक डेनिश जीवाणुविज्ञानी हंस क्रिश्चियन ग्राम द्वारा $1884$ में विकसित की गई थी।
ग्राम-पॉजिटिव जीवाणु क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को बनाए रखते हैं और बैंगनी रंग के दिखाई देते हैं,जबकि ग्राम-नेगेटिव जीवाणु इस अभिरंजक को बनाए नहीं रख पाते हैं और सैफ्रेनिन के साथ काउंटर-स्टेनिंग के बाद गुलाबी या लाल रंग के दिखाई देते हैं।
333
EasyMCQ
कथन $A$ : कुछ जीवाणु गतिशील होते हैं।
कारण $R$ : कुछ जीवाणुओं की सतह से नलिकाकार पिली या फिमब्री प्रवर्ध निकलते हैं।
कथन $A$ और कारण $R$ के लिए कौन सा विकल्प सही है?
A
$A$ और $R$ दोनों सही हैं और $R$,$A$ की सही व्याख्या है।
B
$A$ और $R$ दोनों सही हैं लेकिन $R$,$A$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$A$ सही है और $R$ गलत है।
D
$A$ गलत है और $R$ सही है।

Solution

(B) कथन $A$ सही है क्योंकि कई जीवाणुओं में कशाभ $(flagella)$ होते हैं,जो उनकी गतिशीलता के लिए जिम्मेदार होते हैं।
कारण $R$ भी सही है क्योंकि पिली और फिमब्री कई जीवाणुओं की सतह पर पाई जाने वाली संरचनाएं हैं। हालाँकि,पिली और फिमब्री गतिशीलता में शामिल नहीं होते हैं; वे मुख्य रूप से सतहों या अन्य जीवाणुओं के साथ जुड़ने (संयुग्मन) में मदद करते हैं।
इसलिए,यद्यपि दोनों कथन तथ्यात्मक रूप से सही हैं,पिली या फिमब्री की उपस्थिति यह नहीं बताती है कि कुछ जीवाणु गतिशील क्यों हैं। अतः,$R$,$A$ की सही व्याख्या नहीं है।
334
EasyMCQ
$Flagellin$ प्रोटीन कहाँ पाया जाता है?
A
बैक्टीरियल कशाभ (flagella) के आधारीय काय (basal body) में
B
बैक्टीरियल कशाभ के तंतु (filament) की संरचना में
C
नलाकार प्रवर्ध पिलाई (pili) की संरचना में
D
शिथिल सतही श्लेष्मी (slime) परत में

Solution

(B) बैक्टीरियल कशाभ (flagellum) तीन मुख्य भागों से बना होता है: आधारीय काय (basal body),हुक (hook) और तंतु (filament)।
तंतु कशाभ का सबसे लंबा हिस्सा होता है जो कोशिका की सतह से बाहर की ओर फैला होता है।
यह $Flagellin$ नामक एक ही प्रकार के प्रोटीन से बना होता है,जो एक खोखले बेलन (cylinder) का निर्माण करने के लिए कुंडलित रूप में व्यवस्थित होता है।
अतः,$Flagellin$ प्रोटीन विशेष रूप से बैक्टीरियल कशाभ के तंतु की संरचना में पाया जाता है।
335
EasyMCQ
निम्नलिखित में से किसमें गैस रसधानियाँ (gas vacuoles) पाई जाती हैं?
A
नील-हरित शैवाल (Blue-green algae)
B
माइकोप्लाज्मा
C
प्लुरो निमोनिया लाइक ऑर्गेनिज्म $(PPLO)$
D
बैसिलस जीवाणु

Solution

(A) गैस रसधानियाँ (जिन्हें गैस वेसिकल्स भी कहा जाता है) कुछ प्रोकैरियोटिक जीवों में पाई जाने वाली विशिष्ट संरचनाएं हैं जो उन्हें जलीय वातावरण में उत्प्लावकता (buoyancy) को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
ये आमतौर पर नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया),बैंगनी और हरे प्रकाश संश्लेषी बैक्टीरिया और कुछ हेलोफिलिक आर्किया में पाई जाती हैं।
दिए गए विकल्पों में से,नील-हरित शैवाल वे जीव हैं जिनमें पानी में विशिष्ट गहराई पर तैरने के लिए गैस रसधानियाँ मौजूद होती हैं।
336
EasyMCQ
जीवाणु निम्नलिखित में से किस आकार में नहीं पाए जाते हैं?
A
छड़ के आकार (Rod-shaped)
B
कोमा के आकार (Comma-shaped)
C
सर्पिल आकार (Spiral-shaped)
D
टैडपोल आकार (Tadpole-shaped)

Solution

(D) बैक्टीरिया को उनके आकारिकी (morphology) के आधार पर चार बुनियादी आकृतियों में वर्गीकृत किया गया है:
$1$. बैसिलस (छड़ के आकार का)
$2$. कोकस (गोलाकार)
$3$. विब्रियो (कोमा के आकार का)
$4$. स्पाइरिलम (सर्पिल आकार का)
टैडपोल के आकार की संरचनाएं आमतौर पर कुछ बैक्टीरियोफेज (जीवाणुओं को संक्रमित करने वाले वायरस) से जुड़ी होती हैं,न कि स्वयं बैक्टीरिया से। इसलिए,बैक्टीरिया टैडपोल आकार में नहीं पाए जाते हैं।
337
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन से जीव प्रोकैरियोटिक और एककोशिकीय हैं?
A
प्लुरो निमोनिया-लाइक ऑर्गेनिज्म $(PPLO)$
B
नील-हरित शैवाल (Blue-green algae)
C
माइकोप्लाज्मा
D
उपरोक्त सभी

Solution

(D) प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की मुख्य विशेषता यह है कि इनमें झिल्ली-बद्ध केंद्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों का अभाव होता है।
$PPLO$ (प्लुरो निमोनिया-लाइक ऑर्गेनिज्म) सबसे छोटी ज्ञात जीवित कोशिकाएं हैं और ये प्रोकैरियोटिक होती हैं।
नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) प्रकाश संश्लेषी प्रोकैरियोट हैं।
माइकोप्लाज्मा ऐसे बैक्टीरिया हैं जिनमें कोशिका भित्ति का अभाव होता है और ये भी प्रोकैरियोटिक होते हैं।
चूंकि दिए गए सभी विकल्प एककोशिकीय प्रोकैरियोटिक जीवों का प्रतिनिधित्व करते हैं,इसलिए सही उत्तर $D$ है।
338
MediumMCQ
कौन से जीवाणु (बैक्टीरिया) औपनिवेशिक (colonial) रूप में नहीं होते हैं?
A
बैसिलस-कोकस
B
कोकस-विब्रियो
C
बैसिलस-विब्रियो
D
विब्रियो-स्पाइरिलम

Solution

(D) बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है: $Coccus$ (गोलाकार),$Bacillus$ (छड़ के आकार का),$Vibrio$ (कोमा के आकार का),और $Spirillum$ (सर्पिल आकार का)।
औपनिवेशिक रूप आमतौर पर $Coccus$ (जैसे,$Diplococcus$,$Streptococcus$,$Staphylococcus$) और $Bacillus$ (जैसे,$Diplobacillus$,$Streptobacillus$) में देखे जाते हैं।
$Vibrio$ और $Spirillum$ आमतौर पर एकल,मुक्त-जीवी कोशिकाओं के रूप में पाए जाते हैं और ये कॉलोनियां नहीं बनाते हैं।
इसलिए,$Vibrio$ और $Spirillum$ की जोड़ी उन बैक्टीरिया का प्रतिनिधित्व करती है जो औपनिवेशिक रूप में नहीं होते हैं।
339
MediumMCQ
कथन $A$ : बैसिलस और कोकस प्रकार के बैक्टीरिया औपनिवेशिक (colonial) रूप में पाए जाते हैं।
कारण $R$ : बैक्टीरिया में कोशिका विभाजन से बनी कोशिकाएं स्रावित चिपचिपे पदार्थ से घिरी रहती हैं।
कथन $A$ और कारण $R$ के लिए कौन सा विकल्प सही है?
A
$A$ और $R$ दोनों सही हैं और $R$,$A$ की सही व्याख्या है।
B
$A$ और $R$ दोनों सही हैं लेकिन $R$,$A$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$A$ सही है और $R$ गलत है।
D
$A$ गलत है और $R$ सही है।

Solution

(A) कथन $A$ सही है क्योंकि कई बैक्टीरिया,जैसे कि बैसिलस $(Bacillus)$ और कोकस $(Coccus)$ आकार के बैक्टीरिया,कोशिका विभाजन के बाद अक्सर एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं और कॉलोनियां या तंतु बनाते हैं।
कारण $R$ भी सही है क्योंकि ये कोशिकाएं एक स्रावित चिपचिपे पदार्थ (ग्लाइकोकैलिक्स) द्वारा एक साथ जुड़ी रहती हैं जो कोशिकाओं के समूह को घेरे रहता है।
चूंकि औपनिवेशिक रूप इस चिपचिपे पदार्थ के कारण कोशिकाओं के जुड़े रहने का सीधा परिणाम है,इसलिए $R$,$A$ की सही व्याख्या है।
340
EasyMCQ
$Vibrio$ $cholerae$ (विब्रियो कोलेरी) का आकार कैसा होता है?
A
स्तंभाकार
B
सर्पिलाकार
C
गोलाकार
D
कोमा के आकार का

Solution

(D) $Vibrio$ $cholerae$ एक ग्राम-नेगेटिव,वैकल्पिक अवायवीय जीवाणु है जो हैजा (cholera) का कारण बनता है।
यह अपने विशिष्ट मुड़े हुए या कोमा जैसे आकार के लिए पहचाना जाता है।
अतः,सही विकल्प $D$ है।
341
EasyMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा जीवाणु का आकार नहीं है?
A
बैसिलस (दंडाणु)
B
गोलाकार (गोलाणु)
C
कुंतलाकार (सर्पिल)
D
बेलनाकार

Solution

(D) बैक्टीरिया को उनके आकार के आधार पर चार बुनियादी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
$1$. बैसिलस (दंडाणु - छड़ के आकार के)
$2$. कोकस (गोलाणु - गोलाकार)
$3$. विब्रियो (अल्पविराम के आकार के)
$4$. स्पाइरिलम (कुंतलाकार - सर्पिल आकार के)
'बेलनाकार' बैक्टीरिया के लिए एक मानक रूपात्मक वर्गीकरण नहीं है,क्योंकि 'बैसिलस' पहले से ही छड़ के आकार के बैक्टीरिया को कवर करता है। इसलिए,'बेलनाकार' सही उत्तर है।
342
EasyMCQ
जो बैक्टीरिया ग्राम अभिरंजक (Gram stain) को बनाए रखते हैं,उन्हें क्या कहा जाता है?
A
ग्राम-अवशोषक
B
ग्राम-पॉजिटिव
C
ग्राम-नेगेटिव
D
ग्राम-अधिशोषक

Solution

(B) बैक्टीरिया को उनके कोशिका आवरण में अंतर और क्रिश्चियन ग्राम द्वारा विकसित अभिरंजन प्रक्रिया के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर दो समूहों में वर्गीकृत किया गया है।
जो बैक्टीरिया ग्राम अभिरंजक (क्रिस्टल वायलेट) को ग्रहण कर लेते हैं और बनाए रखते हैं,वे सूक्ष्मदर्शी के नीचे बैंगनी या नीले रंग के दिखाई देते हैं और उन्हें $Gram-positive$ बैक्टीरिया कहा जाता है।
जो बैक्टीरिया इस अभिरंजक को बनाए नहीं रख पाते,उन्हें $Gram-negative$ बैक्टीरिया कहा जाता है।
343
EasyMCQ
ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया क्या होते हैं?
A
ऋणात्मक आवेश वाले बैक्टीरिया
B
धनात्मक आवेश वाले बैक्टीरिया
C
वे बैक्टीरिया जो ग्राम अभिरंजक को बनाए रखते हैं
D
वे बैक्टीरिया जो ग्राम अभिरंजक को बनाए नहीं रखते हैं

Solution

(D) ग्राम अभिरंजन (Gram staining) एक तकनीक है जिसका उपयोग बैक्टीरिया को दो बड़े समूहों में वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है: ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव।
ग्राम-पॉजिटिव बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति में पेप्टिडोग्लाइकन की एक मोटी परत होती है,जो अल्कोहल से धोने के बाद भी क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को बनाए रखती है और बैंगनी रंग की दिखाई देती है।
ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया में पेप्टिडोग्लाइकन की परत पतली होती है और एक बाहरी झिल्ली होती है,जिसके कारण वे अल्कोहल के साथ विरंजन (decolorization) प्रक्रिया के दौरान क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को खो देते हैं।
इसलिए,ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया वे होते हैं जो ग्राम अभिरंजक (क्रिस्टल वायलेट) को बनाए नहीं रखते हैं और सैफ्रिनिन के साथ प्रति-अभिरंजित (counterstained) करने पर गुलाबी या लाल रंग के दिखाई देते हैं।
344
MediumMCQ
गैस रिक्तिकाएं (Gas vacuoles) निम्नलिखित में से किसमें पाई जाती हैं?
A
नील-हरित शैवाल
B
कवक
C
प्रकाश संश्लेषी बैक्टीरिया
D
$(A)$ और $(C)$ दोनों

Solution

(D) गैस रिक्तिकाएं (जिन्हें गैस वेसिकल भी कहा जाता है) कुछ प्रोकैरियोटिक जीवों में पाई जाने वाली विशिष्ट संरचनाएं हैं।
ये कोशिकाओं को उत्प्लावकता (buoyancy) प्रदान करती हैं,जिससे उन्हें जलीय वातावरण में विशिष्ट गहराई पर तैरने में मदद मिलती है।
ये संरचनाएं आमतौर पर नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया),बैंगनी बैक्टीरिया और हरे प्रकाश संश्लेषी बैक्टीरिया में देखी जाती हैं।
चूंकि नील-हरित शैवाल और प्रकाश संश्लेषी बैक्टीरिया दोनों में ये संरचनाएं होती हैं,इसलिए सही उत्तर $(D)$ है।
345
MediumMCQ
$S$ - कथन: ग्राम द्वारा विकसित अभिरंजन पद्धति के आधार पर जीवाणुओं को दो समूहों में विभाजित किया जाता है।
$R$ - कारण: जो जीवाणु ग्राम अभिरंजक को ग्रहण करते हैं,उन्हें ग्राम-नेगेटिव कहा जाता है।
A
$S$ और $R$ दोनों सही हैं,और $R$,$S$ की सही व्याख्या है।
B
$S$ और $R$ दोनों सही हैं,लेकिन $R$,$S$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$S$ सही है और $R$ गलत है।
D
$S$ गलत है और $R$ सही है।

Solution

(C) कथन $S$ सही है क्योंकि क्रिश्चियन ग्राम ने जीवाणुओं को दो समूहों में वर्गीकृत करने के लिए ग्राम अभिरंजन (Gram staining) तकनीक विकसित की थी: ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव।
कारण $R$ गलत है क्योंकि जो जीवाणु ग्राम अभिरंजक (क्रिस्टल वायलेट) को ग्रहण करते हैं और बनाए रखते हैं,उन्हें ग्राम-पॉजिटिव कहा जाता है,न कि ग्राम-नेगेटिव। ग्राम-नेगेटिव जीवाणु अल्कोहल या एसीटोन से धोने पर क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को बनाए नहीं रख पाते हैं।
346
MediumMCQ
$P -$ कथन: नील-हरित शैवाल (Blue-green algae) प्रोकैरियोटिक शैवाल हैं।
$Q -$ कारण: नील-हरित शैवाल में राइबोसोम $70S$ प्रकार के होते हैं।
A
$P$ (कथन) और $Q$ (कारण) दोनों सही हैं,और $P$,$Q$ की सही व्याख्या है।
B
$P$ (कथन) और $Q$ (कारण) दोनों सही हैं,लेकिन $P$,$Q$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$P$ (कथन) सही है,लेकिन $Q$ (कारण) गलत है।
D
$P$ (कथन) गलत है,लेकिन $Q$ (कारण) सही है।

Solution

(A) नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया) प्रोकैरियोटिक जीव हैं क्योंकि इनमें सुस्पष्ट केंद्रक और झिल्ली-बद्ध कोशिकांगों का अभाव होता है।
इनमें $70S$ प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं,जो प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं की एक विशिष्ट विशेषता है।
चूंकि कथन $(P)$ और कारण $(Q)$ दोनों सही हैं,और $70S$ राइबोसोम की उपस्थिति ही वह आधारभूत कारण है जिसके कारण नील-हरित शैवाल को प्रोकैरियोटिक माना जाता है,इसलिए $P$,$Q$ की सही व्याख्या है।
347
MediumMCQ
$P$ - कथन: कुछ जीवाणु ग्राम-नेगेटिव होते हैं।
$Q$ - कारण: ग्राम-नेगेटिव जीवाणु ग्राम अभिरंजक (क्रिस्टल वायलेट) को धारण नहीं कर पाते हैं।
A
$P$ और $Q$ दोनों सही हैं,और $P$,$Q$ की सही व्याख्या है।
B
$P$ और $Q$ दोनों सही हैं,लेकिन $P$,$Q$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$P$ सही है,लेकिन $Q$ गलत है।
D
$P$ गलत है,लेकिन $Q$ सही है।

Solution

(A) ग्राम अभिरंजन तकनीक का उपयोग जीवाणुओं को दो समूहों में वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है: ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव।
ग्राम-पॉजिटिव जीवाणु क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को धारण कर लेते हैं (बैंगनी दिखाई देते हैं),जबकि ग्राम-नेगेटिव जीवाणु क्रिस्टल वायलेट अभिरंजक को धारण नहीं कर पाते हैं और प्रति-अभिरंजक (सैफ्रानिन) को ग्रहण कर लेते हैं,जिससे वे गुलाबी या लाल दिखाई देते हैं।
इसलिए,यह कथन कि कुछ जीवाणु ग्राम-नेगेटिव होते हैं,सत्य है।
यह कारण कि ग्राम-नेगेटिव जीवाणु ग्राम अभिरंजक को धारण नहीं कर पाते हैं,भी सत्य है और यही कारण है कि उन्हें ग्राम-नेगेटिव के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
अतः,दोनों कथन सत्य हैं और $P$,$Q$ की सही व्याख्या है।
348
MediumMCQ
जीवाणु के लैंगिक जनन में भाग लेने वाली संरचना को ......... कहा जाता है।
A
कशाभिका (Flagella)
B
कोशिका झिल्ली
C
कोशिका भित्ति
D
पिलि (Pili)

Solution

(D) जीवाणुओं में,$Pili$ (एकवचन: $Pilus$) $pilin$ नामक एक विशेष प्रोटीन से बनी लंबी,नलिकाकार संरचनाएं होती हैं। ये संरचनाएं मुख्य रूप से संयुग्मन $(conjugation)$ की प्रक्रिया में शामिल होती हैं,जो जीवाणु लैंगिक जनन का एक रूप है,जिसमें आनुवंशिक पदार्थ एक जीवाणु से दूसरे जीवाणु में स्थानांतरित होता है। इसलिए,$Pili$ जीवाणु लैंगिक जनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
349
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें गैस रिक्तिकाएं (gas vacuoles) पाई जाती हैं?
A
माइकोप्लाज्मा
B
$PPLO$
C
नील-हरित शैवाल
D
$(A)$ और $(B)$ दोनों

Solution

(C) गैस रिक्तिकाएं (गैस वेसिकल्स) कुछ प्रोकैरियोटिक जीवों में पाई जाने वाली विशिष्ट संरचनाएं हैं,जैसे कि नील-हरित शैवाल (साइनोबैक्टीरिया),बैंगनी और हरे प्रकाश संश्लेषक बैक्टीरिया,और कुछ हेलोफिलिक आर्किया।
ये कोशिकाओं को उत्प्लावकता (buoyancy) प्रदान करती हैं,जिससे वे जल स्तंभ में एक निश्चित गहराई पर तैर सकते हैं जहाँ प्रकाश और पोषक तत्वों की स्थिति अनुकूल होती है।
माइकोप्लाज्मा और $PPLO$ (प्लुरोन्यूमोनिया-समान जीव) सबसे छोटी ज्ञात जीवित कोशिकाएं हैं और इनमें कोशिका भित्ति का अभाव होता है; इनमें गैस रिक्तिकाएं नहीं पाई जाती हैं।
350
MediumMCQ
$A$: बैसिलस और कोकस प्रकार के जीवाणु औपनिवेशिक (colonial) रूपों में पाए जाते हैं।
$R$: जीवाणुओं में कोशिका विभाजन से उत्पन्न कोशिकाएं स्रावित चिपचिपे पदार्थ से घिरी रहती हैं।
A
$A$ और $R$ दोनों सही हैं और $R$,$A$ की सही व्याख्या है।
B
$A$ और $R$ दोनों सही हैं,लेकिन $R$,$A$ की सही व्याख्या नहीं है।
C
$A$ सही है और $R$ गलत है।
D
$A$ गलत है और $R$ सही है।

Solution

(A) जीवाणु प्रोकैरियोटिक जीव हैं जो एकल कोशिकाओं या कॉलोनियों के रूप में मौजूद हो सकते हैं।
कई जीवाणुओं में,कोशिका विभाजन के बाद कोशिकाएं पूरी तरह से अलग नहीं होती हैं,बल्कि एक चिपचिपे पदार्थ (ग्लाइकोकैलिक्स) के स्राव के कारण एक-दूसरे से जुड़ी रहती हैं।
इसके परिणामस्वरूप औपनिवेशिक संरचनाओं का निर्माण होता है,जैसे कि श्रृंखला (उदाहरण के लिए,स्ट्रेप्टोकोकस में) या समूह (उदाहरण के लिए,स्टैफिलोकोकस में)।
इसलिए,अभिकथन $(A)$ और कारण $(R)$ दोनों सही हैं,और कारण $(R)$,अभिकथन $(A)$ की सही व्याख्या करता है।

Biological Classification — Monera (Prokaryotes) · Frequently Asked Questions

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