(A) एक फलन एक-एक (one-one) तब होता है जब प्रत्येक इनपुट मान एक अद्वितीय आउटपुट मान से जुड़ता है। विद्युत परिपथ के संदर्भ में, $V \to I$ संबंध वोल्टेज $V$ के फलन के रूप में धारा $I$ को दर्शाता है।
ओमिक चालक के लिए, यह संबंध रैखिक $(V = IR)$ होता है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक $V$ के लिए एक अद्वितीय $I$ प्राप्त होता है, इसलिए यह एक-एक फलन है।
हालाँकि, गैर-ओमिक उपकरणों (जैसे $p-n$ जंक्शन डायोड या थर्मिस्टर) के लिए, $V-I$ विशेषता वक्र रैखिक नहीं होता है।
विशेष रूप से, जिन उपकरणों में नेगेटिव डिफरेंशियल रेजिस्टेंस (जैसे टनल डायोड) होता है, उनमें एक निश्चित सीमा में वोल्टेज $V$ बढ़ाने पर धारा $I$ घट सकती है।
इसके अलावा, हिस्टैरिसीस वाले उपकरणों में, $V$ के कई मानों के लिए $I$ का समान मान हो सकता है, या संबंध पूरी तरह से मोनोटोनिक नहीं होता है।
इसलिए, चूंकि सभी प्रकार के पदार्थों में धारा हमेशा वोल्टेज के साथ अद्वितीय और मोनोटोनिक रूप से नहीं बढ़ती है, इसलिए $V \to I$ संबंध सार्वभौमिक रूप से एक-एक फलन नहीं है।