(A-D) जब विलयनों को तांबे के पात्र में रखा जाता है:
$(a)$ तनु $HCl$: तांबा तनु $HCl$ के साथ अभिक्रिया नहीं करता है,इसलिए इसे रखा जा सकता है।
$(b)$ तनु $HNO_{3}$: नाइट्रिक एसिड एक प्रबल ऑक्सीकारक है और तांबे के साथ अभिक्रिया करता है,इसलिए इसे नहीं रखा जा सकता है।
$(c)$ $ZnCl_{2}$: जिंक तांबे से अधिक सक्रिय है,इसलिए कोई विस्थापन अभिक्रिया नहीं होती है; इसे रखा जा सकता है।
$(d)$ $H_{2}O$: तांबा पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करता है,इसलिए इसे रखा जा सकता है।
$(B)$ जब विलयनों को एल्यूमीनियम के पात्र में रखा जाता है:
$(a)$ तनु $HCl$: एल्यूमीनियम तनु $HCl$ के साथ अभिक्रिया करके $AlCl_{3}$ और $H_{2}$ गैस बनाता है,इसलिए इसे नहीं रखा जा सकता है। अभिक्रिया: $2Al + 6HCl \rightarrow 2AlCl_{3} + 3H_{2}$.
$(b)$ तनु $HNO_{3}$: एल्यूमीनियम तनु $HNO_{3}$ के साथ $Al_{2}O_{3}$ की एक सुरक्षात्मक परत बनाता है जो आगे की अभिक्रिया को रोकती है,इसलिए इसे रखा जा सकता है।
$(c)$ $ZnCl_{2}$: एल्यूमीनियम जिंक से अधिक सक्रिय है और विलयन से जिंक को विस्थापित कर देगा,इसलिए इसे नहीं रखा जा सकता है। अभिक्रिया: $2Al + 3ZnCl_{2} \rightarrow 2AlCl_{3} + 3Zn$.
$(d)$ $H_{2}O$: एल्यूमीनियम ठंडे या गर्म पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करता है,इसलिए इसे रखा जा सकता है।