(N/A) दिए गए मिश्रण के घटकों को निम्नलिखित विधियों द्वारा अलग किया जा सकता है:
$(i)$ $\text{चुंबक}$ $\text{का}$ $\text{उपयोग}$: मिश्रण के ऊपर चुंबक घुमाने से लोहे का बुरादा चुंबक से चिपक जाएगा। इस प्रकार, लोहा अलग हो जाएगा।
$(ii)$ $\text{ऊर्ध्वपातन}$: शेष मिश्रण को चाइना डिश में गर्म किया जाता है। अमोनियम क्लोराइड एक ऊर्ध्वपाती पदार्थ है, इसलिए यह तरल अवस्था में आए बिना सीधे वाष्प में बदल जाएगा। चाइना डिश के ऊपर एक उल्टा कीप (funnel) रखकर अमोनियम क्लोराइड की पपड़ी को एकत्र किया जा सकता है।
$(iii)$ $\text{अवसादन},$ $\text{निस्तारण}$ $\text{और}$ $\text{निस्यंदन}$: शेष मिश्रण को पानी में घोला जाता है। मिश्रण को कुछ समय के लिए स्थिर छोड़ दिया जाता है। रेत, पानी में अघुलनशील होने के कारण, नीचे बैठ जाती है। तरल को दूसरे बीकर में निस्तारित कर लिया जाता है। फिर, रेत के किसी भी अंश को हटाने के लिए तरल को छान लिया जाता है।
$(iv)$ $\text{वाष्पीकरण}$: अब यह तरल पानी में सोडियम क्लोराइड का घोल है। इसे बीकर में गर्म किया जाता है ताकि पानी वाष्पित हो जाए। जब सारा पानी वाष्पित हो जाता है, तो हमें बीकर में सोडियम क्लोराइड प्राप्त होता है।