(N/A) $1$. लंबवत अक्षों का प्रमेय: यह प्रमेय बताता है कि किसी समतलीय पिंड की उसके तल के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $(I_z)$,उस तल में स्थित दो परस्पर लंबवत अक्षों के परितः जड़त्व आघूर्णों ($I_x$ और $I_y$) के योग के बराबर होता है,जहाँ ये तीनों अक्ष एक-दूसरे को काटते हैं। गणितीय रूप में,$I_z = I_x + I_y$.
$2$. समानांतर अक्षों का प्रमेय: यह प्रमेय बताता है कि किसी दृढ़ पिंड का किसी भी अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $(I)$,उसके द्रव्यमान केंद्र से गुजरने वाली समानांतर अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण $(I_{cm})$ और पिंड के द्रव्यमान $(M)$ तथा दोनों अक्षों के बीच की लंबवत दूरी $(d)$ के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है। गणितीय रूप में,$I = I_{cm} + Md^2$.