(N/A) दिष्टकारी (Rectifier) एक विद्युत उपकरण है जो प्रत्यावर्ती धारा $(AC)$,जो समय-समय पर अपनी दिशा बदलती है,को दिष्ट धारा $(DC)$ में परिवर्तित करता है,जो केवल एक ही दिशा में प्रवाहित होती है।
दिष्टकारी का सिद्धांत $p-n$ जंक्शन डायोड के एकदिशीय गुण पर आधारित है।
$p-n$ जंक्शन डायोड जब अग्र अभिनत (forward-biased) होता है तो विद्युत धारा को आसानी से प्रवाहित होने देता है (कम प्रतिरोध) और जब यह पश्च अभिनत (reverse-biased) होता है तो धारा के प्रवाह को रोकता है (उच्च प्रतिरोध)।
इस गुण का उपयोग करके,डायोड एक स्विच के रूप में कार्य करता है जो $AC$ इनपुट के धनात्मक अर्ध-चक्र (positive half-cycle) के दौरान धारा प्रवाहित करता है और ऋणात्मक अर्ध-चक्र के दौरान इसे रोकता है (या इसके विपरीत),जिससे स्पंदमान $DC$ आउटपुट प्राप्त होता है।