(N/A) दी गई अभिक्रिया इस प्रकार है:
$n-BuBr + KCN \xrightarrow{EtOH/H_2O} n-BuCN$
यह अभिक्रिया $S_{N}2$ क्रियाविधि द्वारा संपन्न होती है।
$1$. न्यूक्लियोफाइल $CN^{-}$ $n-butyl$ ब्रोमाइड $(n-BuBr)$ के इलेक्ट्रोफिलिक कार्बन परमाणु पर लीविंग ग्रुप $(Br^{-})$ के विपरीत दिशा से आक्रमण करता है।
$2$. इसके परिणामस्वरूप एक संक्रमण अवस्था बनती है जहाँ $C-CN$ बंध आंशिक रूप से बनता है और $C-Br$ बंध आंशिक रूप से टूटता है।
$3$. अंत में,$Br^{-}$ आयन बाहर निकल जाता है,जिससे $n-butyl$ साइनाइड $(n-BuCN)$ का निर्माण होता है।
$4$. $CN^{-}$ आयन एक एम्बीडेंट न्यूक्लियोफाइल है,लेकिन $KCN$ की उपस्थिति में,कार्बन केंद्र की उच्च न्यूक्लियोफिलिसिटी के कारण आक्रमण मुख्य रूप से कार्बन परमाणु के माध्यम से होता है।