(N/A) आयनिक बंध का निर्माण उदासीन परमाणुओं से धनात्मक और ऋणात्मक आयनों के बनने की सुगमता और बाद में क्रिस्टल जालक में उनकी व्यवस्था पर निर्भर करता है। अनुकूल कारक निम्नलिखित हैं:
$1$. निम्न आयनन एन्थैल्पी: धातु परमाणु की आयनन एन्थैल्पी कम होनी चाहिए ताकि वह आसानी से इलेक्ट्रॉन त्याग कर धनायन $(M \rightarrow M^+ + e^-)$ बना सके।
$2$. उच्च इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी: अधातु परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी अधिक ऋणात्मक होनी चाहिए ताकि वह आसानी से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन $(X + e^- \rightarrow X^-)$ बना सके।
$3$. उच्च जालक एन्थैल्पी: बने हुए आयनों को क्रिस्टल जालक में इस प्रकार व्यवस्थित होना चाहिए कि मुक्त होने वाली ऊर्जा (जालक एन्थैल्पी) अधिक हो,जो आयनिक यौगिक को स्थिर करती है।