(N/A) $CO_2$ की सांद्रता प्रकाश संश्लेषण के लिए एक प्रमुख सीमित कारक है।
$1$. $C_3$ पादप: ये पादप $450 \ \mu L/L$ तक $CO_2$ की सांद्रता बढ़ने के साथ प्रकाश संश्लेषण की दर में वृद्धि दर्शाते हैं। चूँकि $RuBisCO$ की $CO_2$ के प्रति कम आत्मीयता होती है और यह ऑक्सीजनेज के रूप में भी कार्य करता है,इसलिए उच्च $CO_2$ स्तर प्रकाश-श्वसन (photorespiration) को दबा देते हैं,जिससे उत्पादकता बढ़ जाती है।
$2$. $C_4$ पादप: ये पादप $CO_2$ के बहुत निचले स्तर (लगभग $360 \ \mu L/L$) पर संतृप्ति दर्शाते हैं। चूँकि $C_4$ पादपों में $CO_2$ को सांद्रित करने की क्रियाविधि ($C_4$ चक्र) होती है जो यह सुनिश्चित करती है कि $RuBisCO$ उच्च $CO_2$ वातावरण में कार्य करे,इसलिए $C_3$ पादपों की तुलना में $C_4$ पादप उच्च $CO_2$ सांद्रता पर प्रकाश संश्लेषण में कोई महत्वपूर्ण वृद्धि नहीं दर्शाते हैं।