(N/A) ऊष्मागतिक निकाय (thermodynamic system) की अवस्था को उसकी आंतरिक ऊर्जा द्वारा अभिलक्षित किया जाता है,न कि ऊष्मा द्वारा। उदाहरण के लिए,'किसी दी गई अवस्था में गैस में एक निश्चित मात्रा में ऊष्मा है' जैसा कथन उतना ही अर्थहीन है जितना कि यह कथन कि 'किसी दी गई अवस्था में गैस में एक निश्चित मात्रा में कार्य है'। इसके विपरीत,'किसी दी गई अवस्था में गैस में एक निश्चित मात्रा में आंतरिक ऊर्जा है' एक मान्य कथन है।
इसी प्रकार,'निकाय को एक निश्चित मात्रा में ऊष्मा दी गई' या 'निकाय द्वारा एक निश्चित मात्रा में कार्य किया गया' जैसे कथन पूरी तरह से अर्थपूर्ण हैं।
संक्षेप में,ऊष्मागतिकी में ऊष्मा और कार्य अवस्था चर (state variables) नहीं हैं। वे निकाय में ऊर्जा स्थानांतरण के तरीके हैं जिसके परिणामस्वरूप इसकी आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन होता है। ऊष्मा ऊर्जा स्थानांतरण का एक तरीका है,जबकि आंतरिक ऊर्जा एक अवस्था फलन (state function) है।