(N/A) जब क्लोरीन को शुष्क बुझे हुए चूने $(Ca(OH)_2)$ पर से गुजारा जाता है,तो विरंजक चूर्ण $(CaOCl_2)$ और जल $(H_2O)$ बनता है। संतुलित समीकरण है: $Ca(OH)_2 + Cl_2 \rightarrow CaOCl_2 + H_2O$
$(b)$ जब सोडियम बाइकार्बोनेट $(NaHCO_3)$ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल $(HCl)$ के साथ अभिक्रिया करता है,तो सोडियम क्लोराइड $(NaCl)$,जल $(H_2O)$ और कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_2)$ उत्पन्न होते हैं। संतुलित समीकरण है: $NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2$
$(c)$ जब सोडियम बाइकार्बोनेट $(NaHCO_3)$ को गर्म किया जाता है,तो इसका तापीय अपघटन होकर सोडियम कार्बोनेट $(Na_2CO_3)$,जल $(H_2O)$ और कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_2)$ प्राप्त होते हैं। संतुलित समीकरण है: $2NaHCO_3 \xrightarrow{\Delta} Na_2CO_3 + H_2O + CO_2$