(N/A) $(i)$ कार्बिलएमीन अभिक्रिया: प्राथमिक एमीन की पहचान के लिए उपयोग की जाती है। एलिफैटिक और एरोमैटिक प्राथमिक एमीन क्लोरोफॉर्म और इथेनॉलिक $KOH$ के साथ अभिक्रिया करके दुर्गंधयुक्त आइसोसायनाइड बनाते हैं।
$(ii)$ डायज़ोटिकरण: एरोमैटिक प्राथमिक एमीन $273-278 \ K$ पर नाइट्रस अम्ल $(NaNO_2 + HCl)$ के साथ अभिक्रिया करके डायज़ोनियम लवण बनाते हैं।
$(iii)$ हॉफमैन ब्रोमामाइड अभिक्रिया: एमाइड $Br_2$ और $NaOH$ के साथ अभिक्रिया करके एक कार्बन कम वाला प्राथमिक एमीन बनाते हैं।
$(iv)$ युग्मन अभिक्रिया: एरीनडायज़ोनियम लवण फिनोल या एरोमैटिक एमीन के साथ अभिक्रिया करके रंगीन एज़ो यौगिक बनाते हैं।
$(v)$ अमोनीअपघटन: एल्काइल हैलाइड की अमोनिया के साथ अभिक्रिया से एमीन बनते हैं,जिसमें $1^o, 2^o, 3^o$ एमीन का मिश्रण प्राप्त होता है।
$(vi)$ एसिटिलीकरण: एसिड क्लोराइड या एनहाइड्राइड का उपयोग करके एमीन में एसिटाइल समूह जोड़ने की प्रक्रिया।
$(vii)$ गैब्रियल थैलिमाइड संश्लेषण: थैलिमाइड की $KOH$ और एल्काइल हैलाइड के साथ अभिक्रिया द्वारा एलिफैटिक प्राथमिक एमीन बनाने की विधि।