(N/A) मेथॉक्सीबेन्जीन (ऐनिसोल) की $HI$ के साथ अभिक्रिया $S_N2$ क्रियाविधि द्वारा होती है। इसके चरण निम्नलिखित हैं:
चरण $1$: ईथर के ऑक्सीजन परमाणु का प्रोटोनीकरण।
मेथॉक्सीबेन्जीन के ऑक्सीजन परमाणु पर स्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म $HI$ से प्राप्त प्रोटॉन $(H^+)$ पर आक्रमण करता है,जिससे प्रोटोनेटेड ईथर (ऑक्सोनियम आयन) बनता है।
$C_6H_5-O-CH_3 + H^+ \rightleftharpoons C_6H_5-O^+(H)-CH_3$
चरण $2$: आयोडाइड आयन $(I^-)$ द्वारा नाभिकरागी आक्रमण।
आयोडाइड आयन $(I^-)$ एक नाभिकरागी के रूप में कार्य करता है और प्रोटोनेटेड ईथर के कम त्रिविम बाधा वाले मिथाइल कार्बन परमाणु पर आक्रमण करता है। इससे $C-O$ बंध टूट जाता है,जिसके परिणामस्वरूप फिनोल और मिथाइल आयोडाइड $(CH_3I)$ का निर्माण होता है।
$C_6H_5-O^+(H)-CH_3 + I^- \xrightarrow{S_N2} C_6H_5-OH + CH_3I$