(N/A) प्रयोगशाला में मुख्य रूप से दो प्रकार के प्रतिरोधकों का उपयोग किया जाता है:
$(1)$ वायर-वाउंड प्रतिरोधक (Wire-wound resistors)
$(2)$ कार्बन प्रतिरोधक (Carbon resistors)
$(1)$ वायर-वाउंड प्रतिरोधक:
- ये प्रतिरोधक मैंगनीन,कॉन्स्टेंटन या नाइक्रोम जैसी मिश्र धातुओं के तारों को एक उपयुक्त आधार पर लपेटकर बनाए जाते हैं।
- इन पदार्थों की प्रतिरोधकता तापमान के साथ विशेष रूप से नहीं बदलती है।
- इनकी विद्युत धारा वहन करने की क्षमता अधिक होती है।
- इनका उपयोग प्रयोगशालाओं में सटीकता और उच्च शक्ति अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है।
$(2)$ कार्बन प्रतिरोधक:
- कार्बन प्रतिरोधक ग्रेफाइट और रेजिन के मिश्रण का उपयोग करके बनाए जाते हैं।
- उच्च तापमान और दबाव पर इन्हें बेलनाकार आकार में ढाला जाता है।
- बेलन के दोनों सिरों पर चालक तार जोड़े जाते हैं।
- बेलनाकार संरचना पर सिरेमिक या प्लास्टिक की सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है।
- कार्बन प्रतिरोधकों का मान $1 \Omega$ से $100 \text{ M}\Omega$ तक होता है।
- कार्बन प्रतिरोधक छोटे और सस्ते होते हैं,इसलिए इनका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में व्यापक रूप से किया जाता है।