(N/A) प्रक्रिया: कार्बनिक यौगिक के एक ज्ञात द्रव्यमान को कैरियस ट्यूब में धूम्रायमान नाइट्रिक एसिड $(HNO_{3})$ के साथ गर्म किया जाता है।
सिद्धांत: सल्फर का ऑक्सीकरण सल्फ्यूरिक एसिड $(H_{2}SO_{4})$ में हो जाता है। इसमें बेरियम क्लोराइड $(BaCl_{2})$ का घोल मिलाकर बेरियम सल्फेट $(BaSO_{4})$ के अवक्षेप प्राप्त किए जाते हैं। अवक्षेप को छानकर,धोकर,सुखाकर और तौल लिया जाता है।
रासायनिक अभिक्रिया: $S$ $\xrightarrow[\Delta]{HNO_{3}} H_{2}SO_{4}$ $\xrightarrow{BaCl_{2}} BaSO_{4(s)}$
गणना:
माना कार्बनिक यौगिक का द्रव्यमान = $m \ g$
प्राप्त $BaSO_{4}$ का द्रव्यमान = $m_{1} \ g$
चूंकि $1 \ mol$ $BaSO_{4}$ $(233 \ g)$ में $32 \ g$ सल्फर होता है,
$m_{1} \ g$ $BaSO_{4}$ में सल्फर का द्रव्यमान = $\frac{32 \times m_{1}}{233} \ g$
सल्फर का प्रतिशत = $\frac{32}{233} \times \frac{m_{1}}{m} \times 100$