(N/A) $p$-ऑर्बिटल की उपस्थिति: $p$-ऑर्बिटल $n = 2, 3, 4, \ldots$ (अर्थात $2p, 3p, 4p, \ldots$) के लिए संभव हैं,लेकिन $1p$ संभव नहीं है। $p$-ऑर्बिटल के लिए,दिगंशीय क्वांटम संख्या $l = 1$ होती है। चूंकि $l$ का मान $0$ से $n-1$ तक हो सकता है,इसलिए $n=1$ के लिए $l$ केवल $0$ ($s$-ऑर्बिटल) हो सकता है। अतः,पहली कक्षा में $p$-ऑर्बिटल संभव नहीं हैं।
$p$-ऑर्बिटल के लिए सीमा सतह: $p$-ऑर्बिटल डंबल के आकार के होते हैं। प्रत्येक $p$-ऑर्बिटल में दो लोब होते हैं।
ये दो लोब नाभिक के विपरीत दिशाओं में स्थित होते हैं। जिस स्थान पर दो लोब मिलते हैं,वह नोडल तल होता है जहाँ इलेक्ट्रॉन पाए जाने की संभावना शून्य होती है।
$p$-ऑर्बिटल्स की संख्या: $l = 1$ के लिए,$p$-ऑर्बिटल्स की संख्या $(2l + 1) = 2(1) + 1 = 3$ है। इन्हें $p_x, p_y,$ और $p_z$ के रूप में जाना जाता है। किसी भी $n > 1$ के लिए,तीन $p$-ऑर्बिटल होते हैं।
$p$-ऑर्बिटल्स की ऊर्जा: एक उपकोश में,तीनों $p$-ऑर्बिटल $(p_x, p_y, p_z)$ समान आकार,आकृति और ऊर्जा के होते हैं। रेडियल नोड्स की संख्या $(n - l - 1)$ द्वारा दी जाती है। $3p$ के लिए,रेडियल नोड्स $= 3 - 1 - 1 = 1$। $4p$ के लिए,रेडियल नोड्स $= 4 - 1 - 1 = 2$।
ऊर्जा का क्रम: जैसे-जैसे मुख्य क्वांटम संख्या $n$ बढ़ती है,$p$-ऑर्बिटल्स की ऊर्जा बढ़ती है। अतः,ऊर्जा का क्रम $2p < 3p < 4p < 5p < \ldots$ है।