(N/A) विलियमसन ईथर संश्लेषण सममित और असममित ईथर के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयोगशाला विधि है।
इस अभिक्रिया में,एक ईथर बनाने के लिए एक एल्किल हैलाइड की अभिक्रिया सोडियम एल्कोक्साइड के साथ कराई जाती है।
सामान्य अभिक्रिया: $R-X + R'-O^-Na^+ \rightarrow R-O-R' + NaX$ है।
यह अभिक्रिया $S_N2$ क्रियाविधि का पालन करती है।
असममित ईथर के संश्लेषण के लिए,अभिकारकों का चयन इस प्रकार करना महत्वपूर्ण है कि एल्किल हैलाइड प्राथमिक $(1^\circ)$ हो ताकि त्रिविम बाधा (steric hindrance) कम हो और $S_N2$ पथ को बढ़ावा मिले।
यदि तृतीयक एल्किल हैलाइड का उपयोग किया जाता है,तो प्रतिस्थापन के बजाय विलोपन (एल्कीन का निर्माण) मुख्य अभिक्रिया बन जाती है।
उदाहरण: सोडियम टर्ट-ब्यूटोक्साइड की मिथाइल ब्रोमाइड के साथ अभिक्रिया से टर्ट-ब्यूटाइल मिथाइल ईथर प्राप्त होता है: $(CH_3)_3C-O^-Na^+ + CH_3-Br \rightarrow (CH_3)_3C-O-CH_3 + NaBr$।