(N/A) $\rightarrow$ यह एक बड़ा कुल है, जिसे सामान्यतः 'आलू कुल' कहा जाता है।
$\rightarrow$ कायिक लक्षण: पौधे अधिकांशतः शाक, क्षुप और कभी-कभी छोटे वृक्ष होते हैं।
$\rightarrow$ तना: शाकीय, कभी-कभी काष्ठीय, वायवीय; सीधा, बेलनाकार, शाखित, ठोस या खोखला, रोमयुक्त या चिकना; आलू ($Solanum$ $tuberosum$) में भूमिगत तना पाया जाता है।
$\rightarrow$ पत्तियाँ: एकांतर, सरल, कभी-कभी पिच्छाकार संयुक्त, अनुपर्णी; शिराविन्यास जालिकावत होता है।
पुष्पीय लक्षण:
$\rightarrow$ पुष्पक्रम: एकल, कक्षीय या ससीमाक्षी (cymose) जैसा कि $Solanum$ में होता है।
$\rightarrow$ पुष्प: द्विलिंगी, त्रिज्यासममित (actinomorphic)।
$\rightarrow$ बाह्यदलपुंज: बाह्यदल पाँच, संयुक्त, स्थायी, कोरस्पर्शी विन्यास।
$\rightarrow$ दलपुंज: दल पाँच, संयुक्त; कोरस्पर्शी विन्यास।
$\rightarrow$ पुमंग: पुंकेसर पाँच, दललग्न।
$\rightarrow$ जायांग: द्विअंडपी, युक्तांडपी; अंडाशय ऊर्ध्ववर्ती, द्विकोष्ठकी, बीजांडासन फूला हुआ और अनेक बीजांड युक्त।
$\rightarrow$ फल: सरस फल (berry) या संपुट (capsule)।
$\rightarrow$ बीज: अनेक, भ्रूणपोषी।