(N/A) $\rightarrow$ फियोफाइसी के सदस्यों को सामान्यतः भूरे शैवाल (brown algae) कहा जाता है।
$\rightarrow$ आवास: ये मुख्य रूप से समुद्री आवासों में पाए जाते हैं।
$\rightarrow$ आकार और आकृति: ये आकार और रूप में बहुत भिन्नता प्रदर्शित करते हैं,जो सरल शाखित,तंतुमय रूपों (जैसे,$Ectocarpus$) से लेकर केल्प (Kelps) जैसे अत्यधिक शाखित रूपों तक होते हैं,जो $100 \ m$ की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं।
$\rightarrow$ वर्णक: इनमें क्लोरोफिल $a, c$,कैरोटीनॉयड और जैंथोफिल होते हैं। इनमें मौजूद जैंथोफिल वर्णक,फ्यूकोजैंथिन की मात्रा के आधार पर इनका रंग जैतून हरे से लेकर भूरे रंग के विभिन्न रंगों तक होता है।
$\rightarrow$ संचित भोजन: भोजन जटिल कार्बोहाइड्रेट के रूप में संचित होता है,जो लैमिनारिन या मैनिटोल के रूप में होता है।
$\rightarrow$ कोशिका संरचना: वानस्पतिक कोशिकाओं में सेल्युलोज की कोशिका भित्ति होती है,जो आमतौर पर बाहर की ओर एल्जिन की जिलेटिनस परत से ढकी होती है। प्रोटोप्लास्ट में प्लास्टिड्स,एक केंद्रीय रिक्तिका और एक केंद्रक होता है।
$\rightarrow$ पादप शरीर: पादप शरीर आमतौर पर होल्डफास्ट द्वारा आधार से जुड़ा होता है,और इसमें एक डंठल,स्टाइप (stipe) और पत्ती जैसा प्रकाश संश्लेषक अंग,फ्रोंड (frond) होता है।
$\rightarrow$ प्रजनन:
$\rightarrow$ वानस्पतिक प्रजनन: विखंडन (fragmentation) द्वारा होता है।
$\rightarrow$ अलैंगिक प्रजनन: अधिकांश भूरे शैवाल में यह द्विकशाभी चल बीजाणुओं (zoospores) द्वारा होता है,जो नाशपाती के आकार के होते हैं और जिनमें दो असमान पार्श्व कशाभिकाएं होती हैं।
$\rightarrow$ लैंगिक प्रजनन: यह समयुग्मकी (isogamous),असमयुग्मकी (anisogamous) या विषमयुग्मकी (oogamous) हो सकता है।