(N/A) यह सेल प्राथमिक सेल का एक उदाहरण है। इसकी संरचना इस प्रकार है:
संरचना: आरेख में दिखाए अनुसार,
एनोड: इसमें जिंक-मर्करी अमलगम होता है।
कैथोड: $HgO$ और कार्बन का पेस्ट।
इलेक्ट्रोलाइट: $KOH$ और $ZnO$ का नम पेस्ट।
अभिक्रिया: इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएं नीचे दी गई हैं:
एनोड पर जिंक-मर्करी अमलगम के $Zn$ का ऑक्सीकरण होता है:
$(i) \ Zn(Hg) + 2 OH^{-} \rightarrow ZnO_{(s)} + H_{2}O + 2 e^{-}$
कैथोड पर $HgO$ का अपचयन होता है:
$(ii) \ HgO_{(s)} + H_{2}O + 2 e^{-} \rightarrow Hg_{(l)} + 2 OH^{-}$
कुल सेल अभिक्रिया है:
$(iii) \ Zn(Hg) + HgO_{(s)} \rightarrow ZnO_{(s)} + Hg_{(l)}$
इस सेल में,$Zn$ ऑक्सीकृत होता है और अपचायक के रूप में कार्य करता है,जबकि $HgO$ अपचयित होता है और ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है।
सेल विभव और विशेषता: सेल विभव लगभग $1.35 \ V$ है और यह अपने जीवनकाल के दौरान स्थिर रहता है क्योंकि कुल अभिक्रिया में विलयन में कोई भी ऐसा आयन शामिल नहीं होता है जिसकी सांद्रता इसके संचालन के दौरान बदलती है।
उपयोग: मर्करी सेल कम करंट वाले उपकरणों जैसे हियरिंग एड्स,घड़ियों आदि के लिए उपयुक्त हैं।