(N/A) ऐरोमैटिक कार्बोक्सिलिक अम्लों को ऐल्किल बेंजीन के क्रोमिक अम्ल या अम्लीय/क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट $(KMnO_4)$ के साथ तीव्र ऑक्सीकरण द्वारा तैयार किया जा सकता है।
$(a)$ यदि बेंजिलिक कार्बन परमाणु के पास कम से कम एक हाइड्रोजन परमाणु है,तो पार्श्व श्रृंखला (side chain) की लंबाई की परवाह किए बिना पूरी पार्श्व श्रृंखला का ऑक्सीकरण कार्बोक्सिल समूह $(-COOH)$ में हो जाता है।
$(b)$ प्राथमिक और द्वितीयक ऐल्किल समूहों का इस प्रकार कार्बोक्सिल समूह में ऑक्सीकरण हो जाता है।
$(c)$ यदि बेंजिलिक कार्बन परमाणु के पास कोई हाइड्रोजन परमाणु नहीं है (अर्थात तृतीयक ऐल्किल समूह),तो ऑक्सीकरण संभव नहीं है।
$(d)$ अभिक्रिया पोटैशियम लवण (जैसे,पोटैशियम बेंजोएट) के निर्माण के माध्यम से आगे बढ़ती है,जिसका अम्लीय जल-अपघटन $(H_3O^+)$ करने पर संबंधित ऐरोमैटिक कार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त होता है।
सामान्य अभिक्रिया:
$C_6H_5-CH_2-R$ $\xrightarrow[\Delta]{KMnO_4, KOH} C_6H_5-COOK$ $\xrightarrow{H_3O^+} C_6H_5-COOH$