(N/A) एक परिपक्व आवृतबीजी भ्रूणकोष आमतौर पर $8$-केंद्रकीय और $7$-कोशिकीय होता है।
$1$. अंड समुच्चय: बीजांडद्वार (micropylar) सिरे पर स्थित,इसमें दो सहायक कोशिकाएं और एक अंड कोशिका होती है।
$2$. प्रतिव्यासांत (antipodal) कोशिकाएं: निभागी (chalazal) सिरे पर स्थित तीन कोशिकाओं को प्रतिव्यासांत कोशिकाएं कहा जाता है।
$3$. केंद्रीय कोशिका: बड़ी केंद्रीय कोशिका में दो ध्रुवीय केंद्रक होते हैं,जो अंततः मिलकर एक द्विगुणित द्वितीयक केंद्रक बनाते हैं।
सहायक कोशिकाओं की भूमिका: सहायक कोशिकाओं के बीजांडद्वार सिरे पर विशेष कोशिकीय स्थूलन होते हैं जिन्हें तंतु रूप समुच्चय (filiform apparatus) कहा जाता है। यह समुच्चय पराग नलिका को सहायक कोशिका में निर्देशित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।