(N/A) ट्रांसफार्मर में नरम लोहे के कोर का उपयोग मुख्य रूप से दो कारणों से किया जाता है:
$1$. उच्च चुंबकीय पारगम्यता (High Magnetic Permeability): नरम लोहे की चुंबकीय पारगम्यता बहुत अधिक होती है,जिससे यह आसानी से चुंबकित और अचुंबकित हो सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि प्राथमिक कुंडली द्वारा उत्पन्न चुंबकीय फ्लक्स द्वितीयक कुंडली के साथ कुशलतापूर्वक जुड़ा रहे,जिससे फ्लक्स का रिसाव न्यूनतम हो जाता है।
$2$. कम हिस्टेरेसिस हानि (Low Hysteresis Loss): नरम लोहे का हिस्टेरेसिस लूप संकीर्ण होता है,जिसका अर्थ है कि चुंबकीकरण और अचुंबकीकरण के प्रत्येक चक्र के दौरान गर्मी के रूप में नष्ट होने वाली ऊर्जा (हिस्टेरेसिस हानि) बहुत कम होती है। यह ट्रांसफार्मर की समग्र दक्षता को बढ़ाता है।