(N/A) धातु का मानक इलेक्ट्रोड विभव $(E^o)$ परमाणुकरण की एन्थैल्पी,आयनन एन्थैल्पी और जलयोजन एन्थैल्पी के योग द्वारा निर्धारित होता है।
$1$. $Mn^{2+}/Mn$ के लिए: $Mn^{2+}$ आयन में एक स्थिर $d^5$ विन्यास होता है। $d^5$ विन्यास की उच्च स्थिरता $Mn^{2+}$ के $Mn$ में अपचयन को कम अनुकूल बनाती है,जिसके परिणामस्वरूप $E^o$ का मान अधिक ऋणात्मक होता है।
$2$. $Zn^{2+}/Zn$ के लिए: $Zn^{2+}$ आयन में एक स्थिर $d^{10}$ विन्यास होता है। $Mn^{2+}$ की तरह,$d^{10}$ विन्यास की स्थिरता $Zn^{2+}$ के $Zn$ में अपचयन को कम अनुकूल बनाती है,जिससे $E^o$ का मान अधिक ऋणात्मक हो जाता है।
$3$. $Ni^{2+}/Ni$ के लिए: $Ni^{2+}$ आयन में बहुत उच्च ऋणात्मक जलयोजन एन्थैल्पी होती है,जो आयनीकरण और परमाणुकरण के लिए आवश्यक ऊर्जा की भरपाई करती है,जिसके परिणामस्वरूप सामान्य प्रवृत्ति की तुलना में अधिक ऋणात्मक $E^o$ मान प्राप्त होता है।