नीचे दो कथन दिए गए हैं :
कथन $I$: एनीलिन की सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया कराकर $453-473 \ K$ पर गर्म करने पर $p$-एमीनोबेन्जीन सल्फोनिक अम्ल प्राप्त होता है। इस यौगिक में नाइट्रोजन और सल्फर दोनों उपस्थित होते हैं,इसलिए यह 'लेसाइन परीक्षण' में फेरिक थायोसायनेट,$[Fe(SCN)]^{2+}$ के निर्माण के कारण रक्त जैसा लाल रंग देता है।
कथन $II$: फ्रीडल-क्राफ्ट्स एल्काइलेशन और एसाइलेशन अभिक्रियाओं में,एनीलिन $AlCl_3$ उत्प्रेरक के साथ लवण बनाता है। इसके कारण,एनीलिन का नाइट्रोजन परमाणु धनावेश प्राप्त कर लेता है और एक निष्क्रियकारी समूह (deactivating group) के रूप में कार्य करता है,जिससे आगे की अभिक्रिया रुक जाती है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में,नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :