निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

  • A
    अभिक्रिया की आण्विकता हमेशा एक पूर्ण संख्या होती है।
  • B
    अभिक्रिया की कोटि और आण्विकता का समान होना आवश्यक नहीं है।
  • C
    अभिक्रिया की कोटि शून्य हो सकती है।
  • D
    अभिक्रिया की कोटि अभिक्रिया की क्रियाविधि पर निर्भर करती है।

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अभिक्रिया $2NO_{(g)} + Br_{2(g)} \rightarrow 2NOBr_{(g)}$ की क्रियाविधि इस प्रकार है:
$1) NO_{(g)} + Br_{2(g)} \rightleftharpoons NOBr_{2(g)}$ (तीव्र)
$2) NOBr_{2(g)} + NO_{(g)} \rightarrow 2NOBr_{(g)}$ (मंद)
यदि दूसरा चरण दर-निर्धारक चरण है,तो $NO_{(g)}$ के सापेक्ष अभिक्रिया की कोटि क्या होगी?

समय के साथ अभिकारक सांद्रता में परिवर्तन को दर्शाने वाले दिए गए ग्राफ पर विचार करें। तीन अलग-अलग अभिक्रियाएं अभिकारकों की समान प्रारंभिक सांद्रता के साथ शुरू की गई थीं। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

प्रथम,द्वितीय और तृतीय कोटि की $3$ अभिक्रियाओं के लिए दर स्थिरांक समान है,जहाँ सांद्रता की इकाई मोल प्रति लीटर है। यदि अभिकारक की सांद्रता इकाई $(1)$ है,तो अभिक्रिया की दर $R_1, R_2, R_3$ क्या होगी?

$3$ से अधिक आण्विकता (molecularity) वाली अभिक्रिया की संभावना बहुत दुर्लभ क्यों होती है?

एक-घटक द्वितीय-कोटि की अभिक्रिया में,यदि अभिकारक की सांद्रता आधी कर दी जाए,तो दर

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