(C) $cis-trans$ समावयवता प्रदर्शित करने के लिए,द्वि-आबंध के प्रत्येक कार्बन परमाणु से दो अलग-अलग समूह जुड़े होने चाहिए।
$(i)$ $(CH_3)_2C=CH-C_2H_5$: पहले कार्बन से दो समान $CH_3$ समूह जुड़े हैं। यह $cis-trans$ समावयवता प्रदर्शित नहीं करता है।
$(ii)$ $CH_2=CBr_2$: पहले कार्बन से दो समान $H$ परमाणु जुड़े हैं। यह $cis-trans$ समावयवता प्रदर्शित नहीं करता है।
$(iii)$ $C_6H_5CH=CH-CH_3$: पहले कार्बन से $H$ और $C_6H_5$ जुड़े हैं; दूसरे कार्बन से $H$ और $CH_3$ जुड़े हैं। दोनों कार्बन पर अलग-अलग समूह हैं। यह $cis-trans$ समावयवता प्रदर्शित करता है।
$(iv)$ $CH_3CH=CClCH_3$: पहले कार्बन से $H$ और $CH_3$ जुड़े हैं; दूसरे कार्बन से $Cl$ और $CH_3$ जुड़े हैं। दोनों कार्बन पर अलग-अलग समूह हैं। यह $cis-trans$ समावयवता प्रदर्शित करता है।
अतः,$(iii)$ और $(iv)$ $cis-trans$ समावयवता प्रदर्शित करते हैं।