(N/A) अपचायक या ऑक्सीकारक की प्रबलता को मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड $(SHE)$ के साथ जोड़कर अर्ध-सेल के मानक इलेक्ट्रोड विभव $(E^{\circ})$ को मापकर निर्धारित किया जा सकता है।
$1$. जिस अर्ध-सेल की प्रबलता ज्ञात करनी है,उसे $SHE$ $(E^{\circ}_{SHE} = 0.00 \ V)$ के साथ जोड़कर एक विद्युत रासायनिक सेल का निर्माण करें।
$2$. मानक सेल विभव $(E^{\circ}_{cell})$ को मापें।
$3$. सूत्र $E^{\circ}_{cell} = E^{\circ}_{cathode} - E^{\circ}_{anode}$ का उपयोग करके अर्ध-सेल का मानक इलेक्ट्रोड विभव ज्ञात करें।
$4$. $E^{\circ}$ का मान जितना अधिक ऋणात्मक होगा,वह उतना ही प्रबल अपचायक होगा,और जितना अधिक धनात्मक होगा,वह उतना ही प्रबल ऑक्सीकारक होगा।
उदाहरण: $Zn^{2+}/Zn$ का मानक इलेक्ट्रोड विभव ज्ञात करना।
जब $Zn$ इलेक्ट्रोड को एनोड के रूप में $SHE$ से जोड़ा जाता है,तो मापा गया $E^{\circ}_{cell} = 0.76 \ V$ होता है।
$E^{\circ}_{cell} = E^{\circ}_{cathode} - E^{\circ}_{anode}$
$0.76 \ V = 0.00 \ V - E^{\circ}_{Zn^{2+}/Zn}$
$E^{\circ}_{Zn^{2+}/Zn} = -0.76 \ V$
चूंकि मान ऋणात्मक है,इसलिए $Zn$ एक प्रबल अपचायक के रूप में कार्य करता है।