(N/A) कार्बन परमाणु का संकरण उससे जुड़े सिग्मा बंधों की संख्या पर निर्भर करता है।
$(a)$ $CH_3-CH_3$: दोनों कार्बन $4$ परमाणुओं से जुड़े हैं,इसलिए दोनों $sp^3$ संकरित हैं।
$(b)$ $CH_3-CH=CH_2$: अंतिम $CH_2$ कार्बन $3$ परमाणुओं से जुड़ा है और द्वि-बंध रखता है,इसलिए यह $sp^2$ संकरित है। मध्य का $CH$ कार्बन भी $3$ परमाणुओं से जुड़ा है और द्वि-बंध रखता है,इसलिए यह $sp^2$ संकरित है। $CH_3$ कार्बन $4$ परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए यह $sp^3$ संकरित है।
$(c)$ $CH_3-CH_2-OH$: दोनों कार्बन $4$ परमाणुओं से जुड़े हैं,इसलिए दोनों $sp^3$ संकरित हैं।
$(d)$ $CH_3-CHO$: कार्बोनिल कार्बन $(C=O)$ $3$ परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए यह $sp^2$ संकरित है। $CH_3$ कार्बन $4$ परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए यह $sp^3$ संकरित है।
$(e)$ $CH_3COOH$: कार्बोक्सिल कार्बन $(C=O)$ $3$ परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए यह $sp^2$ संकरित है। $CH_3$ कार्बन $4$ परमाणुओं से जुड़ा है,इसलिए यह $sp^3$ संकरित है।