(A) यौगिक $(A)$ $CaO$ (कैल्शियम ऑक्साइड) है। जब इसमें पानी मिलाया जाता है,तो यह यौगिक $(B)$ बनाता है,जो $Ca(OH)_2$ (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड या चूने का पानी) है।
$(i)$ $CaO + H_2O \rightarrow Ca(OH)_2$
जब $(B)$ से $CO_2$ प्रवाहित की जाती है,तो यह $CaCO_3$ (कैल्शियम कार्बोनेट) बनाता है,जो यौगिक $(C)$ है और पानी में अघुलनशील है,जिससे विलयन दूधिया हो जाता है।
$(ii)$ $Ca(OH)_2 + CO_2 \rightarrow CaCO_3 + H_2O$
जब अतिरिक्त $CO_2$ प्रवाहित की जाती है,तो $CaCO_3$,$CO_2$ और पानी के साथ अभिक्रिया करके $Ca(HCO_3)_2$ (कैल्शियम बाइकार्बोनेट) बनाता है,जो यौगिक $(D)$ है। चूंकि $Ca(HCO_3)_2$ पानी में घुलनशील है,इसलिए दूधियापन गायब हो जाता है।
$(iii)$ $CaCO_3 + CO_2 + H_2O \rightarrow Ca(HCO_3)_2$