टायफ्लोसोल (typhlosole) क्या है? इसकी स्थिति और कार्य का वर्णन कीजिए।

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(N/A) $\rightarrow$ टायफ्लोसोल केंचुए की आंत की पृष्ठीय दीवार का एक विशिष्ट आंतरिक मध्यस्थ वलन (fold) है।
$1.$ स्थिति: यह $26$ वें से $35$ वें खंडों के बीच की आंत में उपस्थित होता है।
$2.$ कार्य: इसका मुख्य कार्य आंत में पचे हुए भोजन के अवशोषण के लिए प्रभावी सतह क्षेत्र को बढ़ाना है।
$(a)$ टायफ्लोसोल-पूर्व क्षेत्र: आंत का वह भाग जो आंतरीय अंधांत्र (intestinal caeca) की उत्पत्ति तक फैला होता है,उसे टायफ्लोसोल-पूर्व क्षेत्र कहा जाता है।
$(b)$ टायफ्लोसोल-पश्च क्षेत्र: आंत का अंतिम भाग (लगभग $23$ वें से $25$ वें खंड) जिसमें टायफ्लोसोल अनुपस्थित होता है,उसे टायफ्लोसोल-पश्च क्षेत्र कहा जाता है,जो गुदा (anus) की ओर जाता है।

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