(N/A) अर्धसूत्रीविभाजन वह प्रक्रिया है जिसमें आनुवंशिक सामग्री की मात्रा में कमी आती है। इसमें $DNA$ प्रतिकृति के एक चक्र के साथ दो क्रमिक केंद्रक और कोशिका विभाजन शामिल हैं। परिणामस्वरूप,अर्धसूत्रीविभाजन-$II$ के अंत में,चार अगुणित (haploid) कोशिकाएं बनती हैं।
अर्धसूत्रीविभाजन का महत्व:
$1$. अर्धसूत्रीविभाजन पीढ़ी-दर-पीढ़ी गुणसूत्रों की संख्या को बनाए रखता है। यह गुणसूत्रों की संख्या को आधा कर देता है ताकि निषेचन की प्रक्रिया द्वारा युग्मनज (zygote) में मूल संख्या बहाल हो सके।
$2$. जीन विनिमय (cross-over) और संतति कोशिकाओं के बीच समजात गुणसूत्रों के यादृच्छिक वितरण के कारण विभिन्नताएं उत्पन्न होती हैं। विकास (evolution) में विभिन्नताएं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
$3$. यह आनुवंशिक विविधता लाता है,जो बदलते वातावरण में प्रजातियों के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।