| $1$. कक्षा नाभिक के चारों ओर एक परिभाषित वृत्ताकार पथ है जिसमें इलेक्ट्रॉन घूमते हैं। | $1$. कक्षक नाभिक के चारों ओर वह त्रिविमीय स्थान है जिसके भीतर इलेक्ट्रॉन के पाए जाने की प्रायिकता अधिकतम ($90 \%$ तक) होती है। |
| $2$. सभी कक्षाएं वृत्ताकार और डिस्क जैसी होती हैं। | $2$. विभिन्न कक्षकों के आकार अलग-अलग होते हैं। |
| $3$. कक्षा की अवधारणा इलेक्ट्रॉनों की तरंग प्रकृति और अनिश्चितता के सिद्धांत के अनुसार नहीं है। | $3$. कक्षक की अवधारणा इलेक्ट्रॉनों की तरंग प्रकृति और अनिश्चितता के सिद्धांत के अनुसार है। |
| $4$. किसी भी कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या $2n^{2}$ द्वारा दी जाती है,जहाँ $n$ कक्षा की संख्या है। | $4$. किसी भी कक्षक में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या दो होती है। |
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