(N/A) शैवाल को तीन मुख्य वर्गों में वर्गीकृत किया गया है: $Chlorophyceae$,$Phaeophyceae$ और $Rhodophyceae$। यह विभाजन निम्नलिखित कारकों पर आधारित है:
$(a)$ उपस्थित प्रमुख प्रकाश संश्लेषी वर्णक
$(b)$ संचित भोजन का रूप
$(c)$ कोशिका भित्ति की संरचना
$(d)$ कशाभिका (flagella) की संख्या और उनका स्थान
$1$. $Chlorophyceae$ (हरित शैवाल): प्रमुख वर्णक क्लोरोफिल $a$ और $b$ हैं; संचित भोजन स्टार्च है; कोशिका भित्ति सेलुलोज से बनी होती है; कशाभिका $2-8$,समान और शीर्षस्थ होती हैं।
$2$. $Phaeophyceae$ (भूरे शैवाल): प्रमुख वर्णक क्लोरोफिल $a, c$ और फ्यूकोजैन्थिन हैं; संचित भोजन मैनिटोल और लैमिनारिन है; कोशिका भित्ति सेलुलोज और एल्जिन से बनी होती है; कशाभिका $2$,असमान और पार्श्व होती हैं।
$3$. $Rhodophyceae$ (लाल शैवाल): प्रमुख वर्णक क्लोरोफिल $a, d$ और फाइकोएरिथ्रिन हैं; संचित भोजन फ्लोरिडियन स्टार्च है; कोशिका भित्ति सेलुलोज,पेक्टिन और पॉलीसल्फेट एस्टर से बनी होती है; कशाभिका अनुपस्थित होती हैं।