(N/A) यांत्रिकी (mechanics) में कण की अवधारणा सबसे महत्वपूर्ण है।
कण का अर्थ है द्रव्यमान वाला एक बिंदु-समान (point-like) पिंड।
कण आयामहीन (dimensionless) होता है,इसलिए यह एक आदर्श अवधारणा है,यह वास्तविकता में नहीं पाया जाता है।
यह केवल रैखिक गति कर सकता है।
निम्नलिखित मामलों में वस्तु को कण माना जा सकता है:
$(1)$ किसी वस्तु को कण तब कहा जा सकता है यदि वह सीधी रेखा में इस प्रकार गति कर रही हो कि उसके सभी भाग समान समय में समान दूरी तय करें।
$(2)$ जब दो वस्तुओं के आयाम उनके बीच की दूरी की तुलना में नगण्य (negligible) हों,तो उन वस्तुओं को कण माना जा सकता है।
उदाहरण: पृथ्वी और सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण बल की गणना करते समय उन्हें कण माना जाता है।