(N/A) $(i)$ $\text{सायनोहाइड्रिन}$: एल्डिहाइड या कीटोन में $HCN$ के योग से बनता है। उदाहरण: $CH_3CHO + HCN \rightarrow CH_3CH(OH)CN$ (एसिटाल्डिहाइड सायनोहाइड्रिन)।
$(ii)$ $\text{एसिटल}$: तब बनता है जब एक एल्डिहाइड शुष्क $HCl$ की उपस्थिति में मोनोहाइड्रिक अल्कोहल के दो समतुल्य के साथ अभिक्रिया करता है। उदाहरण: $CH_3CHO + 2C_2H_5OH \xrightarrow{dry \ HCl} CH_3CH(OC_2H_5)_2 + H_2O$।
$(iii)$ $\text{सेमीकार्बाज़ोन}$: एल्डिहाइड या कीटोन की सेमीकार्बाज़ाइड के साथ अभिक्रिया से बनता है। उदाहरण: $CH_3CHO + NH_2NHCONH_2 \rightarrow CH_3CH=NNHCONH_2 + H_2O$।
$(iv)$ $\text{एल्डोल}$: $\alpha$-हाइड्रोजन युक्त एल्डिहाइड या कीटोन के दो अणुओं के संघनन से बना $\beta$-हाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या कीटोन। उदाहरण: $2CH_3CHO \xrightarrow{dil. NaOH} CH_3CH(OH)CH_2CHO$।
$(v)$ $\text{हेमीएसिटल}$: एल्डिहाइड में अल्कोहल के एक अणु के योग से बनता है। उदाहरण: $CH_3CHO + C_2H_5OH \xrightarrow{HCl} CH_3CH(OH)(OC_2H_5)$।
$(vi)$ $\text{ऑक्साइम}$: एल्डिहाइड या कीटोन की हाइड्रॉक्सिलएमाइन $(NH_2OH)$ के साथ अभिक्रिया से बनता है। उदाहरण: $CH_3CHO + NH_2OH \rightarrow CH_3CH=NOH + H_2O$।
$(vii)$ $\text{केटल}$: कीटोन की अल्कोहल या डायोल के दो समतुल्य के साथ अभिक्रिया से बनता है। उदाहरण: $CH_3COCH_3 + HOCH_2CH_2OH \xrightarrow{HCl} \text{एथिलीन ग्लाइकॉल केटल}$।
$(viii)$ $\text{इमाइन}$: कार्बन-नाइट्रोजन द्वि-आबंध $(>C=NH)$ युक्त यौगिक,जो अमोनिया के साथ अभिक्रिया से बनते हैं। उदाहरण: $CH_3CHO + NH_3 \rightarrow CH_3CH=NH + H_2O$।
$(ix)$ $2,4-DNP$ $\text{व्युत्पन्न}$: कार्बोनिल यौगिकों की $2,4$-डाइनिट्रोफेनिलहाइड्राज़ीन के साथ अभिक्रिया से बनता है। उदाहरण: $R_2C=O + H_2NNHC_6H_3(NO_2)_2 \rightarrow R_2C=NNHC_6H_3(NO_2)_2 + H_2O$।
$(x)$ $\text{शिफ का क्षार}$: एल्डिहाइड या कीटोन की प्राथमिक एमाइन $(RNH_2)$ के साथ अभिक्रिया से बना इमाइन। उदाहरण: $CH_3CHO + CH_3NH_2 \rightarrow CH_3CH=NCH_3 + H_2O$।