(N/A) मूल के रूपांतरण का अर्थ है जल और खनिजों के अवशोषण और संवहन के प्राथमिक कार्यों के अलावा अन्य कार्यों को करने के लिए जड़ों की संरचना में परिवर्तन। इन कार्यों में भोजन का भंडारण,यांत्रिक सहायता और श्वसन शामिल हैं।
$(a)$ बरगद का पेड़: इन पौधों में अवस्तंभ मूल (Prop roots) पाए जाते हैं। ये अपस्थानिक जड़ें हैं जो शाखाओं से निकलती हैं और नीचे की ओर बढ़कर भारी,फैले हुए पेड़ को यांत्रिक सहारा प्रदान करती हैं।
$(b)$ शलजम: इन पौधों में संग्रही मूल पाए जाते हैं। भोजन के भंडारण के लिए मूसला जड़ मांसल और फूल जाती है।
$(c)$ मैंग्रोव के पेड़: इन पौधों में श्वसन मूल (Pneumatophores) पाए जाते हैं। ये विशेष जड़ें हैं जो मिट्टी से ऊपर की ओर (ऋणात्मक गुरुत्वानुवर्ती) बढ़ती हैं ताकि जलमग्न और ऑक्सीजन रहित मिट्टी की स्थितियों में गैसों के आदान-प्रदान (श्वसन) में मदद मिल सके।