(N/A) अग्र अभिनति (Forward Bias): जब किसी $PN$ जंक्शन डायोड के $p$-प्रकार के अर्धचालक को बाहरी बैटरी के धनात्मक (+) टर्मिनल से और $n$-प्रकार के अर्धचालक को ऋणात्मक (-) टर्मिनल से जोड़ा जाता है,तो इसे अग्र अभिनति कहा जाता है। इस स्थिति में,अवक्षय परत (depletion layer) की चौड़ाई कम हो जाती है और विभव प्राचीर (potential barrier) कम हो जाता है,जिससे विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है।
पश्च अभिनति (Reverse Bias): जब किसी $PN$ जंक्शन डायोड के $n$-प्रकार के अर्धचालक को बाहरी बैटरी के धनात्मक (+) टर्मिनल से और $p$-प्रकार के अर्धचालक को ऋणात्मक (-) टर्मिनल से जोड़ा जाता है,तो इसे पश्च अभिनति कहा जाता है। इस स्थिति में,अवक्षय परत की चौड़ाई बढ़ जाती है और विभव प्राचीर बढ़ जाता है,जो बहुसंख्यक आवेश वाहकों के प्रवाह का विरोध करता है,जिसके परिणामस्वरूप नगण्य विद्युत धारा प्रवाहित होती है।