(N/A) भ्रूण उत्क्षेपण प्रतिवर्त एक तंत्रिका-अंतःस्रावी (neuroendocrine) क्रियाविधि है जो पूर्ण रूप से विकसित भ्रूण और अपरा (placenta) द्वारा प्रेरित होती है।
इसमें निम्नलिखित चरण शामिल हैं:
$1$. पूर्ण रूप से विकसित भ्रूण और अपरा से उत्पन्न संकेत गर्भाशय में हल्के संकुचन को प्रेरित करते हैं।
$2$. ये संकुचन माता की पश्च पीयूष ग्रंथि (posterior pituitary gland) से $Oxytocin$ हार्मोन के स्राव को उत्तेजित करते हैं।
$3$. $Oxytocin$ गर्भाशय की मांसपेशियों पर कार्य करता है,जिससे गर्भाशय में और अधिक तीव्र संकुचन होता है।
$4$. यह एक सकारात्मक फीडबैक लूप बनाता है जहाँ गर्भाशय के संकुचन और $Oxytocin$ के स्राव के बीच की उत्तेजक प्रक्रिया जारी रहती है,जिसके परिणामस्वरूप संकुचन उत्तरोत्तर मजबूत होते जाते हैं।
$5$. यह प्रक्रिया अंततः बच्चे को जन्म नाल (birth canal) के माध्यम से गर्भाशय से बाहर धकेलती है,जिसे $Parturition$ (प्रसव) कहा जाता है।