(N/A) $1916$ में कोसेल और लुईस द्वारा विकसित रासायनिक बंधन का इलेक्ट्रॉनिक सिद्धांत यह बताता है कि परमाणु रासायनिक बंधन बनाने के लिए कैसे जुड़ते हैं।
$1$. अष्टक नियम: परमाणु अपनी बाहरी कक्षा में एक स्थिर अष्टक ($8$ इलेक्ट्रॉन) प्राप्त करने के लिए संयोजी इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण (प्राप्त करके या खोकर) या साझा करके जुड़ते हैं।
$2$. रासायनिक संयोजन: इस सिद्धांत के अनुसार,परमाणु आयनिक या सहसंयोजक बंधन बनाकर उत्कृष्ट गैस जैसी स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करते हैं।
$3$. सीमाएँ: यह सिद्धांत विस्तारित अष्टक वाले अणुओं (जैसे $PF_5$,जिसमें $P$ के पास $10$ इलेक्ट्रॉन हैं) या अपूर्ण अष्टक वाले अणुओं (जैसे $BF_3$) की स्थिरता को समझाने में विफल रहता है।