(N/A) इलेक्ट्रोड: गैल्वेनिक या इलेक्ट्रोलाइटिक सेल में,धातु की छड़ या प्लेट को उसके लवण के घोल में रखने से बनने वाली प्रणाली को इलेक्ट्रोड कहा जाता है,जिसमें धारा या इलेक्ट्रॉन का प्रवाह होता है।
अर्ध-सेल (half-cell): इलेक्ट्रोड और वह घोल जिसमें इसे रखा गया है,ऐसी प्रणाली जहाँ ऑक्सीकरण या अपचयन (reduction) अभिक्रिया संभव हो,उसे अर्ध-सेल कहते हैं।
प्रतीकात्मक प्रस्तुति: धातु और उसके आयन के बीच एक खड़ी रेखा खींची जाती है। परंपरा के अनुसार,अपचयन अभिक्रिया के लिए इसे $\text{धातु आयन} \mid \text{धातु}$ के रूप में लिखा जाता है।
अपचयन के लिए: $Zn^{2+} + 2e^{-} \rightarrow Zn$ की प्रतीकात्मक प्रस्तुति $Zn_{(aq)}^{2+} \mid Zn_{(s)}$ है।
ऑक्सीकरण के लिए: $Zn_{(s)} \rightarrow Zn^{2+} + 2e^{-}$ की प्रतीकात्मक प्रस्तुति $Zn_{(s)} \mid Zn_{(aq)}^{2+}$ है।
यदि अभिकारक या उत्पाद गैस या तरल है,तो आमतौर पर प्लैटिनम $(Pt)$ का उपयोग किया जाता है। उदाहरण:
$(i)$ हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड:
एनोड (ऑक्सीकरण): $Pt_{(s)} \mid H_{2(g)} \ (1 \ \text{bar}) \mid H_{(aq)}^{+}$
कैथोड (अपचयन): $H_{(aq)}^{+} \mid H_{2(g)} \ (1 \ \text{bar}) \mid Pt_{(s)}$
$(ii)$ ब्रोमीन इलेक्ट्रोड:
कैथोड (अपचयन): $Pt_{(s)} \mid Br_{2(aq)} \mid Br_{(aq)}^{-}$
एनोड (ऑक्सीकरण): $Br_{(aq)}^{-} \mid Br_{2(aq)} \mid Pt_{(s)}$